कोलकाता: “मेरे बेटे ने गुनाह किया था, उसे उसके कर्मों की सजा मिली, हमें उसका शव नहीं चाहिए, सरकार जो चाहे वो करे उसके शव के साथ” ये शब्द पश्चिम बंगाल की उस महिला के हैं जिसके बेटे ने एक मासूम की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया फिर उसे मार दिया। पश्चिम बंगाल के बरूईपुर इलाके में हुए रेप-मर्डर केस में आरोपी प्रभास मंडल की एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।
मां ने किया पापी बेटे की बॉडी लेने से इनकार
बरुईपुर रेप और मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। गुस्साई भीड़ ने एक आरोपी को तो मौके पर ही पीट-पीट कर मार डाला था। जबकि दूसरा आरोपी प्रभास मंडल फरार हो गया था। पब्लिक में गुस्सा था, पूरा बंगाल उबलने के लिए तैयार था। जिसके बाद प्रभास का भी बंगाल पुलिस एनकाउंटर कर देती है। इस एनकाउंटर की खबर के बाद मानो पूरे बंगाल में एक शांति का माहौल कायम होता है। लेकिन लोगों के होश उस वक्त उड़ गए जब प्रभास की मां ने अपने पापी बेटे का शव लेने तक से इनकार कर दिया। वो मां जो ममता की मूरत होती है। वो मां जो अपने बच्चे को हर हाल में प्यार करती है। वही मां एक पापी के लिए काली का रुप भी धारण कर सकती है। फिर वो पापी चाहे उसका बेटा ही क्यों ना हो। इसी बात को साबित कर दिखाया है एनकाउंटर में मारे गए प्रभास मंडल की मां ने, जिन्होंने अपने बेटे की बॉडी लेने से भी इनकार कर दिया है। मां का कहना है कि प्रभास ने गलत काम किया था। उसी की सजा उसे मिली है।
पुलिस गई थी प्रभास मंडल के घर
जानकारी के मुताबिक दो पिलिसकर्मी एनकाउंटर के बाद प्रभास के घर पहुंचे थे। जिनसे मां ने बेटे का शव लेने से साफ इनकार कर दिया। जब पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या वो अस्पताल जाना चाहती हैं तो इसके लिए भी उन्होंने साफ इनकार करते हुए कह दिया कि उनके पति की तबीयत खराब है, वो अस्पताल नहीं आ सकती हैं। बेटे प्रभास के शव के साथ क्या करना है वो पुलिस खुद देखे, हमें उसके शव की कोई जरूरत नहीं है