नई दिल्ली: पद से सेवानिवृत्त होने से ठीक पहले थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने LAC पर चीन के साथ चल रही स्थिति का खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि सीमा पर स्थिति स्थिर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है. दोनों सेनाएं गलतफहमियों को दूर करने और रोजमर्रा के मुद्दों को सुलझाने के लिए हर साल 1100 से ज्यादा बार संपर्क करती हैं. यानी रोजाना औसतन 3 बार दोनों पक्ष आमने-सामने होते हैं.
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में जनरल द्विवेदी ने कहा कि डिसइंगेजमेंट समझौतों ने जमीनी स्तर पर स्थिरता लाई है. दोनों पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति ज्यादा सकारात्मक रुख अपनाते नजर आ रहे हैं. सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि LAC पर भारतीय सेना की तैनाती बेहद मजबूत है. उन्होंने कहा, ''हम LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.''
जनरल द्विवेदी ने भविष्य के युद्धों की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय सेना अब सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करेगी, बल्कि तकनीकी श्रेष्ठता के साथ दुश्मन को करारी मात देगी. उन्होंने रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन और अश्वनी ड्रोन प्लाटून जैसे नए घातक यूनिट्स का जिक्र किया. उनका मंत्र है, ''जमीन पर स्मार्ट बूट, आसमान में चील जैसी नजर और क्लाउड में दिमाग.''
पाकिस्तान और आतंकवाद पर सख्त रुख
जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान को भी साफ संदेश दिया कि परमाणु धमकी अब आतंकवाद की ढाल नहीं बन सकती. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को नया सामान्य बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारने की भारत की क्षमता और इच्छाशक्ति अब सिद्ध हो चुकी है.
उन्होंने फिर दोहराया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का अभिन्न अंग है और वहां के आतंकी लॉन्च पैड्स भारत की रडार पर हैं. जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनका यह इंटरव्यू LAC पर शांति बनाए रखने के साथ-साथ भारत की सैन्य ताकत और दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है.