कोलकाता : ममता बनर्जी ने बंगाल में चल रहे बुलडोज़र एक्शन को लेकर केंद्र और राज्य प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि गरीबों के घरों, ठेलों और छोटी दुकानों पर चल रही कार्रवाई राजनीतिक अहंकार का प्रतीक बन चुकी है. ममता ने साफ कहा कि बंगाल बुलडोज़र की राजनीति में विश्वास नहीं रखता और टैगोर-नेताजी की धरती पर डर, ज़बरदस्ती और तोड़फोड़ के जरिए शासन नहीं किया जा सकता.
उन्होंने आरोप लगाया कि हावड़ा स्टेशन के आसपास चलाए गए बड़े पैमाने के अतिक्रमण विरोधी अभियान, तिलजला और पार्क सर्कस में बढ़ते तनाव ने हजारों गरीब परिवारों की रोज़ी-रोटी छीन ली है. उनके मुताबिक, दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे दुकानदार अचानक बेघर और बेरोजगार हो गए हैं. ममता ने कहा कि सरकार पहले बुलडोज़र चला रही है और बाद में लोगों की बात सुनने का दिखावा कर रही है, जो बंगाल की संवेदनशील और मानवीय संस्कृति के खिलाफ है.
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकार की असली पहचान इस बात से होती है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करती है. विकास का मतलब गरीबों को मिटाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान देना होता है. ममता ने चेतावनी दी कि बंगाल की जनता डर और दमन की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि यह राज्य करुणा, संस्कृति और संघर्ष की विरासत पर खड़ा है.