नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपने रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने भारत को भूटान का भरोसेमंद दोस्त और साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध विश्वास, सहयोग और साझा विकास की मजबूत नींव पर टिके हैं. टोबगे ने खास तौर पर भूटान की महत्वाकांक्षी गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC) परियोजना में भारत के समर्थन का जिक्र किया.
टोबगे के मुताबिक, गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी की सबसे बड़ी ताकत उसकी भौगोलिक स्थिति है. यह परियोजना भारत की सीमा से सटे इलाके में विकसित की जा रही है. ऐसे में भारत के विशाल बाजार, बेहतर कनेक्टिविटी और पड़ोसी राज्य असम के साथ संपर्क को GMC के लिए अहम माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस विजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और असम की ओर से समर्थन मिला है.
भारत और भूटान के बीच GMC को लेकर सहयोग पहले भी सामने आ चुका है. फरवरी में भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री टोबगे ने इस परियोजना के लिए भारत के समर्थन पर प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया था. दोनों देशों ने ऊर्जा, कनेक्टिविटी और विकास साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई थी.
भारत ने गेलेफू से जुड़ी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेल, सड़क और सीमा ढांचे पर सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी GMC के विकास के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की बात कही है और गेलेफू के पास इमिग्रेशन चेकपोस्ट स्थापित करने की घोषणा की थी.
टोबगे ने निवेश के संदर्भ में भरोसे को भी अहम ताकत बताया. उनका कहना था कि राजनीतिक स्थिरता, कानून का शासन और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने से यह भरोसा बनता है. ऐसे में GMC को दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों के बीच एक संभावित कनेक्टिविटी और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है.