गुवाहाटी: गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा की होमस्टे में रहस्यमयी मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आसिफ अली की मां ने कहा है कि अगर उसका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. मां का दावा है कि शुक्रवार दोपहर आसिफ बीमार होने के कारण घर पर सोता रहा. शाम को वह कहकर गया कि जल्द वापस आएगा, लेकिन रात में नहीं लौटा. अगले दिन सुबह खबर मिली कि गुवाहाटी के बाहरी इलाके में एक होमस्टे में उसकी गर्लफ्रेंड की मौत के मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
छात्रा को शहर के बाहरी इलाके गरल स्थित होमस्टे में बहुत गंभीर हालत में पाया गया. पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और फिर गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. आसिफ के साथ वह होमस्टे में ठहरी थी. आसिफ ने पुलिस से कहा कि उसने आत्महत्या की, लेकिन पुलिस उसके बयान पर विश्वास नहीं कर रही. गुवाहाटी पश्चिम के पुलिस डिप्टी कमिश्नर बोलिन देवरी ने कहा कि जांच शुरुआती चरण में है. पुलिस को शक है कि यह हत्या का मामला हो सकता है. शरीर या फर्श पर खून नहीं मिला, फिर भी जांच जारी है.
मृतका के पिता का आरोप है कि हत्या से पहले बेटी के साथ गैंगरेप हुआ और उसे प्रताड़ित किया गया. शरीर पर लगे निशान इसी ओर इशारा करते हैं. उनके अनुसार, सुबह करीब 2 बजे बेटी ने मां को फोन कर बताया कि उसके साथ मारपीट हो रही है, छाती पर लात मारी गई और सांस लेने में तकलीफ हो रही है. कमरे के अंदर लोगों ने दरवाजा बंद कर रखा था. वह रोते हुए कह रही थी- “वे मुझे मार देंगे, मां.” इसके बाद संपर्क टूट गया.
आसिफ का परिवार क्या कहता है?
आसिफ दिहाड़ी मजदूर परिवार से हैं. पेंटर का काम करते हैं और कभी-कभी रैपिडो भी चलाते हैं. परिवार गरीब है. दोनों पांच साल से रिश्ते में थे. मां को रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन लड़की हिंदू और परिवार मुस्लिम होने के कारण उन्होंने विरोध किया था. मां ने कहा, “अगर मेरा बेटा दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. हम सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि क्या लड़की ने अपनी मां को फोन करके बताया था कि उसे सताया जा रहा है?” पिता का कहना है कि बेटा उसे अस्पताल ले गया और भर्ती कराया. वह उससे बहुत प्यार करता था. पुलिस आगे की जांच कर रही है.