केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले रविवार को BJP की केंद्रीय चुनाव समिति की दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक हुई है. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 2014 के विधानसभा चुनाव में PDP ने 28 सीटें जीती थीं, BJP ने 25 सीटें जीती थीं, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 15 सीटें जीती थीं और कांग्रेस ने 12 सीटें हासिल की थीं.
PDP और BJP ने मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में गठबंधन कर सरकार बनाई थी. हालांकि 2018 में, मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद महबूबा मुफ्ती के सत्ता में आने के बाद BJP ने गठबंधन से अपना समर्थन वापस ले लिया था. भारतीय चुनाव आयोग ने ऐलान किया था कि जम्मू-कश्मीर में 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में मतदान होगा. मतों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी. अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में होने वाले ये पहले विधानसभा चुनाव हैं.
वहीं हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 1 अक्टूबर को एक ही चरण में होंगे, और मतों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी. हालांकि बीजेपी ने चुनाव की तारीख आग बढ़ाने के लिए आयोग को पत्र लिखा है. बता दें कि हरियाणा में कुल 2.01 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 1.06 करोड़ पुरुष, 0.95 करोड़ महिलाएं, 4.52 लाख पहली बार मतदाता और 40.95 लाख युवा मतदाता हैं. हरियाणा में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 सितंबर है, जबकि 13 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी.
हरियाणा में नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 16 सितंबर है. राज्य में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 3 नवंबर, 2024 को समाप्त होगा. साथ ही यह भी बता दें कि 2019 के चुनावों में 90 सदस्यीय विधानसभा में 40 सीटों के साथ भाजपा ने जेजेपी के साथ गठबंधन सरकार बनाई थी. जेजेपी ने कुल 10 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 31 सीटें हासिल कीं थी और इस साल की शुरुआत में भाजपा-जेजेपी गठबंधन भंग हो गया था और बीजेपी की सरकार बनी रही.