जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहले 44 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे, फिर उसमें सुधार किया गया. बीजेपी की इस कदम को लेकर शोसल मीडिया पर चर्चाए शुरू हो गईं हैं कि भाजपा ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया है. बता दें कि भाजपा ने पहले पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर तीन चरणों के लिए 44 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसे अब बीजेपी वेबसाइट से हटा लिया गया है. वेबसाइट पर अभी सिर्फ पहले चरण के प्रत्याशियों के नाम दिख रहे हैं, जिसमें कुल 15 उम्मीदवार ही हैं. बाकी उम्मीदवारों के नाम हटा लिए गए हैं. पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दूसरे और तीसरे चरण के प्रत्याशियों के नाम गलती प्रकाशित किया गया था.
बता दें कि पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर BJP ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें 44 उम्मीदवारों के नाम थे. इन नामों में बड़ा बदलाव देखा गया था. दरअसल, इस बार भाजपा ने 14 मुस्लिम उम्मीदवारों को भी टिकट दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों में से 60 से 70 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं. हालांकि इसे लेकर पार्टी की ओर से अभी कुछ नहीं बताया गया है.
PM मोदी की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
बता दें कि कल 25 अगस्त को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति की दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बैठक भी हुई थी. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे. बीजेपी ने इस बार जम्मू-कश्मीर के जिन मुस्लिम उम्मीदवारों पर दांव खेला है, उनमें बनिहाल सीट से सलीम भट्ट, इंदरवल से तारिक कीन, पांपोर से सैयद शौकत गयूर अंद्राबी, राजपोरा से अर्शीद भट्ट, शोपियां से जावेद अहमद कादरी, अनंतनाग पश्चिम से मो. रफीक वानी, अनंतनाग से सैयद वजाहत, श्रीगुफवाड़ा बिजबेहरा से सोफी यूसुफ के नाम शामिल हैं.
करीब एक दशक के बाद हो रहे हैं चुनाव
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 2014 के विधानसभा चुनाव में PDP ने 28 सीटें जीती थीं, BJP ने 25 सीटें जीती थीं, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 15 सीटें जीती थीं और कांग्रेस ने 12 सीटें हासिल की थीं. PDP और BJP ने मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में गठबंधन कर सरकार बनाई थी. हालांकि 2018 में, मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद महबूबा मुफ्ती के सत्ता में आने के बाद BJP ने गठबंधन से अपना समर्थन वापस ले लिया था. भारतीय चुनाव आयोग ने ऐलान किया था कि जम्मू-कश्मीर में 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में मतदान होगा. मतों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी. अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में होने वाले ये पहले विधानसभा चुनाव हैं.