नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सिंह की बेटी और कंटेंट क्रिएटर यशस्विनी राजे सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किए जाने के फैसले पर तीखा हमला बोला है.
उन्होंने इस नियुक्ति को एक बेहद भद्दा मजाक करार दिया है. NEET 2026 परीक्षा में कथित धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए यशस्विनी ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने खुद भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति छात्रों की भावनाओं का सम्मान नहीं करती. यशस्विनी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पत्र की भाषा पर भी आपत्ति जताई. उनके मुताबिक, पत्र में पछतावे या जिम्मेदारी स्वीकार करने का भाव नहीं था, बल्कि भाषा किसी ‘शहीद’ जैसी लग रही थी. प्रधान ने पत्र में लिखा था कि वह छात्रों के भविष्य को नुकसान से बचाने और राष्ट्रविरोधी ताकतों को फायदा उठाने से रोकने के लिए पद छोड़ रहे हैं.
यशस्विनी ने CJP आंदोलन की तारीफ करते हुए बताया कि संगठन ने मीम्स और इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को जोड़ने में सफलता हासिल की. देशभर के हजारों छात्रों ने इसमें भाग लिया और कई विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला. यह आंदोलन 20 जून से शुरू होकर लगभग 36 दिन चला. 25 जुलाई को सरकार द्वारा मांगें मानने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह खत्म हुआ.
यशस्विनी के पिता विक्रम सिंह फतेहपुर सदर से भाजपा विधायक रह चुके हैं, लेकिन 2024 के चुनाव में हार गए थे. यशस्विनी ने स्पष्ट किया कि वह अपने पिता की राजनीति से पूरी तरह दूर रहती हैं. पिछले साढ़े तीन साल से वह परिवार के साथ नहीं, बल्कि अकेले रह रही हैं और निर्वाचन क्षेत्र का दौरा भी नहीं किया. इसी दूरी की वजह से वह बेबाकी से अपनी बात रख पाती हैं.