पटना: बिहार में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद का संकट दूर होता दिख रहा है. भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी देवेश कुमार ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अब उनकी खाली हुई सीट से दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया जा सकता है.
दीपक प्रकाश अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. बिना विधायक या एमएलसी रहे मंत्री पद पर बने रहने पर कानूनी संकट पैदा हो गया था. सुप्रीम कोर्ट ने भी सम्राट चौधरी सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है. नियमों के अनुसार कोई व्यक्ति अधिकतम 6 महीने तक ही बिना सदन की सदस्यता के मंत्री रह सकता है.
भाजपा के देवेश कुमार ने विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह को इस्तीफा सौंपा. इस दौरान बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद रहे. देवेश कुमार राज्यपाल द्वारा मनोनित कोटा से 17 मार्च 2021 को एमएलसी बने थे. उनका कार्यकाल 16 मार्च 2027 तक था. इस्तीफे से खाली सीट पर राज्यपाल नए उम्मीदवार को मनोनीत करेंगे. सूत्रों के अनुसार दीपक प्रकाश का नाम लगभग तय माना जा रहा है.
दीपक प्रकाश को पहली बार नवंबर 2025 में नीतीश कुमार कैबिनेट में शामिल किया गया था. सत्ता परिवर्तन के बाद मई 2026 में सम्राट कैबिनेट में दोबारा मंत्री बनाया गया. तब से वे बिना सदन सदस्यता के पद पर हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर है, जिस पर सरकार को 4 अगस्त तक जवाब देना है.