नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल करने वाली नोएडा निवासी रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद CJP उनके बचाव में आ गया है. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि रुचिका सिंह के खिलाफ आपराधिक मामले का इस्तेमाल गलत है.
उन्होंने सवाल किया, ''इस देश में अपशब्दों का इस्तेमाल करना कब से अपराध हो गया?'' सौरव का कहना है कि लोग रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान अपशब्दों के लिए निंदा की जा सकती है, लेकिन पुलिस द्वारा आपराधिक प्रणाली का इस्तेमाल कर युवाओं को निशाना बनाना और परेशान करना गलत है.
सौरव दास ने लोकसभा के सांसदों का जिक्र करते हुए कहा कि सदन में बैठे 50 प्रतिशत से ज्यादा सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें रेप, हत्या और डकैती जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं. इनमें करीब 100 सांसद भाजपा के हैं. उन्होंने पुलिस से कहा कि ऊर्जा वहां लगाई जाए, न कि 25 साल की लड़की पर. सौरव ने जोर दिया कि युवाओं को परेशान करना तुरंत बंद होना चाहिए और लड़की को छोड़ दिया जाना चाहिए. पुलिस की ताकत का ऐसे मामलों में इस्तेमाल पूरी तरह अस्वीकार्य है.
रुचिका सिंह के खिलाफ मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी को गंदी-गंदी गालियां देने के आरोप में दर्ज किया गया था. CJP का रुख साफ है कि गाली-गलौज की निंदा हो सकती है, लेकिन इसे अपराध बनाकर युवाओं को निशाना बनाना गलत है.