इन राज्यों में BJP का खाता खुलना मुश्किल, INDIA ब्लॉक की बल्ले-बल्ले!

Global Bharat 01 Jun 2024 07:16: PM 3 Mins
इन राज्यों में BJP का खाता खुलना मुश्किल, INDIA ब्लॉक की बल्ले-बल्ले!

भीषण गर्मी के बीच लोकसभा चुनाव 2024 के सभी चरणों के चुनाव संपन्न हो गए हैं. चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन और बीजेपी दोनों ही प्रमुख पार्टियां अलग-अलग दावे कर रही हैं. वहीं बीजेपी ने तो 400 से ज्यादा सीटें जीतना का दवा कर दी है. लेकिन देश के कुछ ऐसे राज्य हैं, जहां बीजेपी का खाता खुलना मुश्किल माना जा रहा है.

पहला है केरल- यहां 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 20 सीटों में से कांग्रेस अपने सहयोगियों के साथ 19 सीटें जीतने में सफल रही थी. सत्तारूढ़ सीपीएम के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी. मुस्लिम और ईसाई बहुल वाले इस राज्य में भाजपा अभी तक खाता नहीं खोल पाई है. केरल में 2019 के आम चुनाव में बीजेपी को 13 प्रतिशत वोट मिले थे. इस बार भी भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी ने दमखम लगाया है. इससे वोट प्रतिशत तो बढ़ सकते हैं, मगर भाजपा को सीटें मिलें, इस पर संदेह हो सकता है.

दूसरा गोवा- यहां लोकसभा की महज 2 सीटें हैं, उत्तर गोवा और दक्षिण गोवा. इन पर जीत और हार का अंतर बहुत कम होता है. 2014 में भाजपा ने लोकसभा की दोनों सीट अपने नाम की थी. वहीं, 2019 में उत्तर गोवा सीट से श्रीपाद नाइक जीते, लेकिन दक्षिण गोवा की सीट भाजपा हार गई. इस बार भाजपा ने दक्षिण गोवा सीट से पहली बार महिला उम्मीदवार पल्लवी डेम्पो को चुनावी मैदान में उतारा है, जो उद्योगपति घराने से हैं. कांग्रेस, आप और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने दावा किया है कि पल्लवी डेम्पो को इसलिए उम्मीदवारी दी गई है क्योंकि वह राज्य के मशहूर उद्योगपति श्रीनिवास डेम्पो की पत्नी हैं. ऐसे में भाजपा के लिए दोनों ही सीटें जीत पाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा.

तीसरा मेघालय- भाजपा ने अपना एक भी प्रत्याशी नहीं खड़ा किया है. दरअसल, भाजपा का मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अगुवाई वाली पार्टी नेशनल पीपुल्स फ्रंट (एनपीपी) के साथ गठबंधन है. 2019 के लोकसभा चुनावों में एक सीट पर कांग्रेस और एक सीट पर एनपीपी की जीत हुई थी. 2014 के चुनावों में भी कांग्रेस को एक सीट और एनपीपी को एक सीट मिली थी. 2024 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने दोनों सीटों पर लड़ने का फैसला किया है. उसका मुकाबला पीपीपी से ही होगा.

चौथा मिजोरम- लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मिजोरम की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए अपना उम्मीदवार उतारा है. भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वनलालह्मुअका इस सीट के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. राज्य में केवल एक लोकसभा सीट है, जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. 2019 में मिजो नेशनल फ्रंट ने यह सीट जीती थी. वहीं, 2014 में कांग्रेस ने यह सीट जीती थी. ऐसे में यह सीट भी जीतना भाजपा के लिए चुनौती हो सकती है.

पांचवा नगालैंड- पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्य नगालैंड में एक लोकसभा सीट है. 2019 में यहां एनडीपीपी के तोखेहो येप्थोमी ने जीत दर्ज की थी. यहां पर भाजपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है.

छठा मणिपुर- यहां 2 लोकसभा सीट है. भाजपा ने यहां बस एक प्रत्याशी उतारा है, जो आंतरिक मणिपुर सीट से है. वहीं, NPF ने पूर्व IRS टिमोथी जिमिक को कैंडिडेट बनाया है. जिमिक उखरुल जिले के रहने वाले हैं. भाजपा ने इन्हें समर्थन देने का फैसला किया है. लोकसभा चुनाव 2019 में बस एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. राजकुमार रंजन सिंह को जीत हासिल हुई थी. इससे पहले के लोकसभा चुनावों में यहां पर कांग्रेस का बोलबाला रहा था. ऐसे में इस बार भी भाजपा को कड़ी टक्कर मिल सकती है.

7वां लक्षद्वीप- बीजेपी ने लक्षद्वीप में भी अजित पवार गुट के उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है. भाजपा ने एक लोकसभा सीट वाले पुड्डुचेरी में मोजूदा राज्य के गृह मंत्री ए नमसिवायम को अपना उम्मीदवार बनाया है. यहां भी मुख्य लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच है. 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा या एनडीए को यहां से जीत नहीं मिली थी. ये सीट यूपीए गठबंधन ने जीत ली थी.

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