नई दिल्ली : जंतर मंतर प्रोटेस्ट के बाद जेनजी को लेकर चर्चा तेज है. ऐसे में जब राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्षों पर नजर डाले तो बीजेपी के अध्यक्ष सबसे युवा है. भारत की छह राष्ट्रीय पार्टियों के अध्यक्षों की उम्र पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि भाजपा ने सबसे बड़ा पीढ़ीगत बदलाव किया है. 45 वर्षीय नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा अब सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष वाली पार्टी बन गई है. यह बदलाव केवल एक चेहरा बदलने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि संगठन की भावी रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन का 45 वर्ष है. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) कोनार्ड संगमा का उम्र 48 वर्ष है. आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल का उम्र 57 वर्ष है. बहुजन समाज पार्टी (BSP) मायावती की उम्र 70 वर्ष है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के एम. ए. बेबी की उम्र 72 वर्ष है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 84 वर्ष है.
इन छह राष्ट्रीय दलों में भाजपा और एनपीपी ही ऐसी पार्टियां हैं, जिनके अध्यक्ष 50 वर्ष से कम उम्र के हैं. आम आदमी पार्टी का नेतृत्व मध्यम आयु वर्ग में आता है, जबकि कांग्रेस, बसपा और सीपीएम का नेतृत्व 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के नेताओं के हाथ में है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह फैसला केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले एक दशक की राजनीति की तैयारी भी है.
नितिन नवीन की नई टीम में भी 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां मिलती हैं, तो भाजपा खुद को एक युवा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय पार्टी के रूप में स्थापित करने की कोशिश करेगी. युवाओं की आबादी, रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप, तकनीक और डिजिटल राजनीति के दौर में युवा नेतृत्व का संदेश चुनावी रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य राष्ट्रीय दल भी नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हैं.