मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (यूबीटी) के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई. BJP ने दावा किया कि हाल ही में राहुल गांधी द्वारा आयोजित एक डिनर मीटिंग में उद्धव ठाकरे को अपमानित करते हुए आखिरी पंक्ति में बैठाया गया. उद्धव, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत उस समय आखिरी पंक्ति में बैठे नजर आए, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग द्वारा कथित मतदाता धोखाधड़ी पर एक प्रस्तुति दे रहे थे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब अविभाजित शिवसेना एनडीए का हिस्सा थी, तब उद्धव हमेशा पहली पंक्ति में बैठते थे.
उन्होंने कहा, "हमारे लिए उनकी इज्जत हमेशा हमारी अपनी इज्जत से पहले थी. हमने देख लिया कि उन्हें वहां (इंडिया गठबंधन में) किस तरह का सम्मान और महत्व मिलता है." फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि उद्धव हमेशा दिल्ली के सामने न झुकने की बात करते थे. उन्होंने कहा, "उद्धव कहते थे कि वे दिल्ली के सामने नहीं झुकेंगे. अब देखिए स्थिति, जब वे सत्ता में भी नहीं हैं. यह दुखद है. जब वे हमारे साथ थे, तब उन्हें हमेशा पहली पंक्ति में बैठाया जाता था."
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पूर्व बॉस का मजाक उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस ने आखिरकार ठाकरों को उनकी "औकात" दिखा दी. शिंदे ने कहा, "जो लोग आत्मसम्मान को गिरवी रख देते हैं और बाल ठाकरे के आदर्शों को छोड़ देते हैं, उन्हें इस अपमान का कोई फर्क नहीं पड़ता. कांग्रेस ने उन्हें उनकी जगह दिखा दी." महाराष्ट्र BJP ने भी मीटिंग का एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसमें ठाकरे और राउत आखिरी पंक्ति में बैठे दिख रहे हैं. कैप्शन में लिखा था, "इस तस्वीर में आत्मसम्मान ढूंढें!"
उद्धव खेमे का BJP पर पलटवार
BJP के आरोपों का जवाब देते हुए, संजय राउत ने कहा कि उद्धव को पहली पंक्ति में सीट दी गई थी, लेकिन वे प्रस्तुति स्क्रीन को बेहतर ढंग से देखने के लिए पीछे चले गए. राउत ने कहा, "हम सामने बैठे थे, लेकिन टीवी स्क्रीन से आंखों को तकलीफ हो रही थी, इसलिए हम पीछे चले गए. उद्धव जी की अन्य तस्वीरें देखें. राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने उन्हें और उनके परिवार को अपने घर में सम्मान दिया." BJP को निकम्मा बताते हुए राउत ने कहा, "BJP इस बात पर अटक गई कि कौन कहां बैठा. वहां BJP की वोट चोरी के खिलाफ एक प्रस्तुति चल रही थी."
आदित्य ठाकरे ने भी BJP के आरोपों का जवाब दिया. शिंदे पर निशाना साधते हुए, आदित्य ने कहा कि कुछ लोग पहली पंक्ति में बैठने के लिए धक्का-मुक्की करते हैं, जिसका इशारा फडणवीस और शिवसेना नेता के बीच स्पष्ट तनाव की ओर था. आदित्य ने कहा, "यह एक घरेलू माहौल था. कहां बैठना है, यह हमारा फैसला है. उन्हें (शिवसेना और BJP) इस बात से तकलीफ हुई है कि राहुल गांधी ने यह उजागर किया कि चुनाव आयोग उनके दफ्तर से चलता है."