नई दिल्ली: कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया से जुड़े एक विवाद ने बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है. भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता सुजाता हांडी (जिन्हें विजयलक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है) ने आरोप लगाया है कि केशवपुर पुलिस थाने की टीम ने उन्हें गिरफ्तार करने के दौरान मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे दोनों पार्टियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है.
यह मामला 1 जनवरी को शुरू हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान हुए झगड़े से जुड़ा है. कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला की शिकायत पर 5 जनवरी को महिला को हिरासत में लिया गया. शिकायत में आरोप था कि महिला ने पार्षद पर हमला किया और निजी अंगों पर वार किया. गिरफ्तारी के समय महिला ने विरोध जताया और पुलिस वाहन में बैठाने के दौरान कथित तौर पर हंगामा किया.
हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला ने खुद अपने कपड़े उतार लिए. वाहन में मौजूद आठ महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन असफल रहीं. बाद में स्थानीय लोगों की मदद से महिला को दूसरे कपड़े उपलब्ध कराए गए और गिरफ्तारी पूरी की गई. पुलिस के अनुसार, महिला पर पहले से ही पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं.
भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस सरकार की ''महिला विरोधी'' नीति का प्रमाण बताते हुए कड़ी निंदा की है. पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे कांग्रेस के ''लड़की हूं, लड़ सकती हूं'' नारे की पोल खोलने वाला करार दिया और राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता बताया. वहीं, कांग्रेस पक्ष का कहना है कि यह भाजपा का प्रोपगैंडा है और पुलिस ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की.
मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वरिष्ठ अधिकारी और राज्य महिला आयोग भी इस पर नजर रखे हुए हैं. यह घटना स्थानीय निकाय स्तर पर चल रहे राजनीतिक तनाव को उजागर करती है, जहां मतदाता सूची को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने हैं.