महिला के बेडरूम में घुसकर फोन छीनने पर हाईकोर्ट ने पुलिस पर लगाया 10,000 रुपए का जुर्माना!

Amanat Ansari 13 Jul 2026 05:36: PM 1 Mins
महिला के बेडरूम में घुसकर फोन छीनने पर हाईकोर्ट ने पुलिस पर लगाया 10,000 रुपए का जुर्माना!

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागपुर की एक महिला की निजता के अधिकार का हनन करने के मामले में पुलिस की कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए महाराष्ट्र सरकार को 10,000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है. नागपुर बेंच की जस्टिस उर्मिला जोशी फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता ने कहा कि बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए महिला के घर और खासकर शयनकक्ष में घुसना तथा उसका मोबाइल जब्त करना निजता और गरिमा का गंभीर उल्लंघन है.

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता का अधिकार जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है, जिसे इस तरह नहीं भंग किया जा सकता. नागपुर के सावनेर की 26 वर्षीय महिला ने याचिका दायर कर बताया कि पुलिस अधिकारियों ने कार एक्सीडेंट केस की पूछताछ के बहाने बिना नोटिस दिए उसके घर में घुसकर मोबाइल फोन जब्त कर लिया. फोन दो दिन तक उनके पास रहा. महिला और उनके पति दोनों पर कोई आरोप नहीं था.

पुलिस ने दावा किया कि जांच के सिलसिले में कार्रवाई की गई, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जांच का मकसद कानून तोड़ने का लाइसेंस नहीं देता. कोर्ट ने राज्य सरकार को दो महीने के अंदर मुआवजा देने को कहा और गलती करने वाले पुलिस अधिकारी से राशि वसूल करने की भी अनुमति दी.

कोर्ट का महत्वपूर्ण टिप्पणी

कोर्ट ने कहा, ''किसी नागरिक के आवासीय परिसर, खासकर महिला के शयनकक्ष में बिना कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन किए घुसना और जबरन मोबाइल छीनना निजता और गरिमा पर गंभीर हमला है.'' यह फैसला पुलिस की मनमानी कार्रवाई के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है और निजता के अधिकार को मजबूती प्रदान करता है.

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