नई दिल्ली: भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एलओसी पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. दावा किया जा रहा है एक पाकिस्तानी पठानकोट के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था, जिसे मार गिराया गया है. हलांकि की गोली चलाने से पहले उसे चेतावनी भी दी गई थी. BSF की ओर से जानकारी दी गई है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पार एक संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद एक घुसपैठिए को मार गिराया. सेना की ओर से जानकारी दी गई है कि चुनौती दिए जाने के बाद भी घुसपैठिए आगे बढ़ता रहा, इसलिए उसे गोली मार दी गई.
सेना की तरफ से मीडिया को बताया कि आज सुबह-सुबह BSF के जवानों ने बीओपी ताशपतन, पठानकोट सीमा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पार एक संदिग्ध गतिविधि देखी और एक घुसपैठिए को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करते देखा, जिसके बाद उसे उसे चुनौती दी, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया और आगे बढ़ता रहा. इसी बीच BSF के जवानों ने खतरे को भांपते हुए घुसपैठिए को मार गिराया.
सीमा सुरक्षा बल ने कहा कि घुसपैठिए की पहचान और मकसद का पता लगाया जा रहा है. सतर्क BSF के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. साथ ही पाक रेंजर्स के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा.
1 दिन पहले हुई थी जवाबी कार्रवाई
यह घटना भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तानी सैनिकों पर जवाबी गोलीबारी के एक दिन बाद हुई है. यह घटना जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सुबह करीब 11 बजे हुई. बता दें कि 8 फरवरी को आतंकवादियों ने राजौरी के केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार एक जंगली इलाके से गश्ती दल पर गोलीबारी की, जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की थी.
सर्दी से पहले 30 से ज़्यादा आतंकी ढेर
बता दें कि पिछले साल मई और दिसंबर के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों की बाढ़ आ गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई तेज़ कर दी. किसी भी तरह की घुसपैठ को लेकर भारतीय जवान सतर्क है. क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी शुरू होने से पहले 30 से ज़्यादा आतंकवादियों को मार गिराया गया. इस अवधि के दौरान सुरक्षा बलों ने 25 लोगों की मौत भी दर्ज की. 19 जम्मू में और छह कश्मीर में मौत हुई.