आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही राज्य की टीडीपी सरकार एक्शन में है और लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी बीच शनिवार को सुबह वाईएसआरसीपी (YSRCP) के निर्माणाधीन केंद्रीय कार्यालय पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई और कार्यावय को ध्वस्त कर दिया गया है. जिसके बाद राज्य की राजनीति गरमाती हुई नजर आ रही है.
टीडीपी का बदले की राजनीति का आरोप
वहीं वाईएसआरसीपी (YSRCP) ने टीडीपी चीफ और सीएम चंद्रबाबू नायडू पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है और हाईकोर्ट का रुख किया है. बता दें कि लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्य में विधानसभा के चुनाव भी हुए थे, जिसके बाद चंद्रबाबू नायडू सत्ता में लौटे हैं. वहीं इससे पहले 15 जून को भी जगन मोहन रेड्डी के लोटस पॉन्ड आवास के पास अवैध निर्मान को ध्वस्त किया गया था.
1 दिन पहले कोर्ट का किया था रुख
यहां यह भी बता दें कि यह कार्रवाई तब की गई है, जब वाईएसआर कांग्रेस एक दिन पहले ही हाईकोर्ट का रुख किया था और आंध्र पर्देश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (AP CRDA) की प्रारंभिक कार्रवाई को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने किसी भी विध्वंस गतिविधि पर रोक लगा दिया था.
वाईएसआर कांग्रेस का बड़ा आरोप
इसी बीच वाईएसआर कांग्रेस के नेता व पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन ने टीडीपी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. दरअसल रेड्डी ने कहा है कि सत्ता में आने के बाद कुछ ही दिनों के अंदर वाईसीपी नेताओं पर हमले शुरू हो गए हैं और वाईसीपी नेताओं की संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है. उन्होंने कहा है कि टीडीपी वाईएसआर कांग्रेस को अस्तित्वहीन बनाना चाहती है, जिसे जनता देख रही है.
पूर्ण बहुमत में है टीडीपी सरकार
बता दें कि आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है और चंद्र बाबू नायडू के अगुवाई वाले एनडीए ने राज्य की 175 विधानसभा सीटों में से 164 पर जीत दर्ज किया है. वहीं वाईएसआर कांग्रेस का लगभग पूरा सफाया हो गया है और वाईएसआर कांग्रेस को मात्र 11 सीटों पर जीत मिली है, जबकि 2019 के चुनाव में 140 सीट जीतकर जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री बने थे.