कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ी राहत मिली है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्टी के तीन फ्रोजन बैंक खातों को अस्थायी रूप से संचालित करने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने कहा कि पुलिस द्वारा खातों को फ्रीज करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं दी गई है. न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार को स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है.
ये अधिकारी 30 सितंबर तक सभी लेन-देन की निगरानी करेंगे. खाते केवल पार्टी के दिन-प्रतिदिन के खर्च (रूटीन एक्सपेंस) के लिए ही इस्तेमाल हो सकेंगे. चेक पर दो अधिकृत TMC पदाधिकारियों के हस्ताक्षर होंगे और स्पेशल ऑफिसर के काउंटर साइन के बाद ही बैंक में पेश किया जाएगा. अन्य किसी भी प्रकार का खर्च नहीं किया जा सकेगा.
क्या था मामला?
ED ने हाल ही में TMC के खातों में 440 करोड़ रुपए से ज्यादा फ्रीज किए थे. पुलिस ने FIR दर्ज होने के एक दिन बाद खातों को फ्रीज कर दिया था, जिस पर कोर्ट ने सवाल उठाया. कोर्ट ने कहा, "FIR 18 जून को दर्ज हुई और 19 जून को खाते फ्रीज कर दिए गए. ऐसा लगता है जैसे शिकायत सिर्फ खाते जब्त करने के लिए की गई हो."
TMC की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि खातों को फ्रीज करने से एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी का कामकाज ठप हो गया है, जो उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम आदेश किसी गुट को "असली TMC" मानने का मतलब नहीं है. पार्टी के असली नियंत्रण का मुद्दा चुनाव आयोग के पास लंबित है. यह फैसला TMC के लिए अस्थायी राहत है, जबकि जांच आगे बढ़ रही है.