आधार और वोटर ID अकेले नागरिकता का सबूत नहीं! कलकत्ता हाईकोर्ट का अहम फैसला 

Amanat Ansari 29 Jul 2026 03:23: PM 1 Mins
आधार और वोटर ID अकेले नागरिकता का सबूत नहीं! कलकत्ता हाईकोर्ट का अहम फैसला 

कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या बैंक अकाउंट जैसे दस्तावेज अकेले किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी दावा करने वाले व्यक्ति पर ही होती है.

मंगलवार (29 जुलाई 2026) को जस्टिस देबांग्सु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बार रशीदी की डिवीजन बेंच ने मुर्शिदाबाद के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया. इस व्यक्ति को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है क्योंकि अधिकारियों का आरोप है कि वह बांग्लादेशी नागरिक है और भारत में अवैध रूप से रह रहा है.

कोर्ट के मुख्य आदेश

  • व्यक्ति और उसके रिश्तेदार कई मौकों पर नागरिकता साबित करने वाले ठोस सबूत नहीं दे पाए.
  • रिश्तेदारों के बयानों में विसंगतियां पाई गईं (जैसे चचेरा भाई vs चाचा).
  • कोई जन्म प्रमाण पत्र पेश नहीं किया गया.
  • वोटर आईडी, आधार आदि दस्तावेज पहचान के लिए हैं, लेकिन नागरिकता का पक्का प्रमाण नहीं माने जा सकते.
  • व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था.

कोर्ट ने व्यक्ति की तरफ से पेश दस्तावेजों को पर्याप्त नहीं मानते हुए याचिका में दखल देने से इनकार कर दिया. यह फैसला उन मामलों में मील का पत्थर साबित हो सकता है जहां अवैध प्रवासियों की पहचान और नागरिकता की जांच की जा रही है. अदालत ने जोर दिया कि नागरिकता का दावा करने वाले को मजबूत सबूत पेश करने होंगे. यह फैसला नागरिकता संबंधी कानूनी बहस को नई दिशा दे सकता है, खासकर सीमावर्ती राज्यों में.

Calcutta High Court citizenship proof voter card Aadhaar card

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