नई दिल्ली: आगरा के जीआईसी मैदान में रविवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की एक बड़ी रैली हुई, जिसमें नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुख्य रूप से संबोधित किया. यह आयोजन पार्टी का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा था, जिसमें आगरा के अलावा आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग और कार्यकर्ता शामिल हुए.
रैली के दौरान मंच पर चंद्रशेखर आजाद मौजूद थे, तभी भीड़ में कुछ कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. यह मामला मंच पर चढ़ने या नेता को करीब से देखने की होड़ में हुआ, जो जल्दी ही हाथापाई और लात-घूसों तक पहुंच गया. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को संभालने में काफी मेहनत करनी पड़ी.
झड़प होता देख थामा माइक
इस झड़प को देखकर चंद्रशेखर आजाद ने खुद माइक थामा और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि इतने वर्षों से कष्ट झेल रहे हो, थोड़ा और सब्र रखो. अगर आज पीड़ा सह ली, तो आने वाले कई सौ सालों तक पीड़ा आपके पास भी नहीं फटकेगी. अपने भाषण में उन्होंने रैली की भारी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या देखकर प्रशासन की नींद उड़ गई होगी, इसलिए रामलीला मैदान में रैली की इजाजत नहीं दी गई और जगह बदलनी पड़ी.
चंद्रशेखर ने किया बड़ा ऐलान
उन्होंने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनी तो कार्यकर्ताओं पर लगे सभी झूठे केस वापस लिए जाएंगे. साथ ही गरीबों को मुफ्त शिक्षा और मुफ्त इलाज की गारंटी दी जाएगी. चंद्रशेखर आजाद ने दलित समाज पर बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया और मेरठ, कानपुर, हाथरस जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इन जुल्मों को रोकने के लिए सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग धर्म की बात करते हैं, वही अपने ही लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं.
महंगाई को लेकर किया कटाक्ष
महंगाई पर हमला बोलते हुए उन्होंने कटाक्ष किया कि 15 लाख रुपये तो खाते में नहीं आए, लेकिन सोना 15 लाख के आसपास पहुंच गया है. गरीब अब अपनी बेटी को सोने के गहने भी नहीं दे पा रहा. सत्ता में आने पर उन्होंने वादा किया कि पिछड़ों और अति पिछड़ों को प्रमोशन में आरक्षण मिलेगा, और उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से 15 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी.