नई दिल्ली: नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड माने जा रहे संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने क्लीन चिट दे दी है. CBI ने कहा है कि इस मामले में उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला. CBI ने पटना की अदालत में 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें संजीव मुखिया का नाम शामिल नहीं है.
एजेंसी के अनुसार, बिहार पुलिस की प्रारंभिक FIR में उसका नाम आने के बावजूद गहन जांच में उसकी भूमिका साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला. CBI ने कहा कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक की पूरी साजिश की जांच कर ली गई है और सभी शामिल लोगों की पहचान हो चुकी है. संजीव मुखिया को इस मामले में जमानत मिल चुकी है, हालांकि वह अन्य पेपर लीक मामलों में जेल में है.
कौन है संजीव मुखिया?
बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला संजीव मुखिया कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में पहले भी आरोपी रहा है. 2010 के मेडिकल पेपर लीक, 2016-2020 की सिपाही और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में उसका नाम आ चुका है.
नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया था. बिहार में पटना के एक हॉस्टल से पेपर लीक होने का मामला सामने आया था. CBI की इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. CBI ने कहा है कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.