बिजनौर : योगी का कायदा वैसे तो कोई तोड़ता नहीं है, लेकिन आजकल कुछ नया हो रहा है. नीला गमछा ओढ़े कोई भी व्यक्ति पुलिस के इकबाल को चुनौती दे बैठता है. हालांकि, इस बार मामला फंस गया. ये हैं बिजनौर के धामपुर के CO अंजनी चतुर्वेदी. उनके पास खड़े ये धामपुर के SHO हैं, यहां एक मजार की दीवार पर आधी रात बुलडोज़र कार्रवाई होनी थी. तभी सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि विवेक सेन पहुंच जाते हैं. उनको लगा कि सिंघम DSP को हड़का देंगे, लेकिन मामला उल्टा पड़ जाता है.
बिजनौर के धामपुर की टीचर्स कॉलोनी में एक मजार मौजूद है. शुक्रवार रात 8 बजे बुलडोज़र पहुंचा. कॉलोनी में रहने वाले लोग ही शिकायत करते हैं और योगी की पुलिस उसी पर एक्शन लेती है. दीवार गिराकर रास्ता खुलवा दिया जाता है. कुछ देर में ही चंद्रशेखर के कार्यकर्ता पहुंच जाते हैं और वहां सिंघम CO अंजनी चतुर्वेदी से भिड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन CO साहब पीछे नहीं हटते. वीडियो में वह अपने दारोगा को भी डांटते सुनाई देते हैं.
दरअसल, मजार की दीवार के कारण रास्ता बंद था. इसलिए प्रशासन मजार की दीवार तोड़कर रास्ता देना चाहता था. जैसे ही प्रशासन बुलडोज़र और पुलिस बल के साथ पहुंचा, वैसे ही वहां ड्रामा शुरू हो गया. कार्यकर्ताओं ने सांसद चंद्रशेखर को फोन घुमा दिया. सांसद प्रतिनिधि लाठी मारने की धमकी देते हैं. इस पर CO अंजनी चतुर्वेदी कहते हैं, ये मुराद भी पूरी कर देंगे.
हालांकि, इसके बाद शनिवार सुबह चंद्रशेखर अपनी हमदर्दी दिखाने धामपुर पहुंचते हैं, वहां नायब तहसीलदार, तहसीलदार और लेखपाल को बुलाकर कागज मांगते हैं. चंद्रशेखर दावा करते हैं कि मजार की दीवार ठीक थी, फिर उसे क्यों गिराया गया. चंद्रशेखर वैसे तो आम जनता के हित की राजनीति की बात करते हैं, लेकिन जब प्रशासन ने मजार की दीवार गिराकर आम जनता को रास्ता देने की कोशिश की, तो वह प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते दिखाई दिए.
चंद्रशेखर DM राजनीति का हिस्सा हैं, यानी दलितों और मुसलमानों की बात करते हैं. हालांकि, उन पर आरोप लगते हैं कि वह दलितों से ज्यादा मुसलमानों की चिंता करते हैं. यूपी में DM राजनीति का समीकरण तैयार किया जा रहा है. दरअसल, चंद्रशेखर के कई पुराने वीडियो वायरल होते रहे हैं, जिनमें वह कहीं भी पुलिस अधिकारियों को चुनौती देते दिखाई देते हैं. इसी अंदाज में उनके खास विवेक सेन भी यही काम करते दिखे, लेकिन वहां दबंग CO ने पूरी कहानी पलट दी.