उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यूपी के आगरा में एक ऐसा बयान दिया, जिसपर जमकर राजनीति शुरू हो गई है. मुगल बादशाह औरंगजेब का नाम लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने उसे क्रूर बताया है. उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर हम लोग एकजुट नहीं हुए तो, हमारा हाल भी बांग्लादेश के हिंदुओं जैसे होगा. सीएम योगी आदित्यानाथ ने कहा कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता. अगर हम एकजुट और नेक रहेंगे, तो देश सशक्त रहेगा. बंटने पर कमजोर हो जाएंगे और काटे जाएंगे.
मुख्य योगी आदित्यनाथ ने मुगल बादशाह औरंगजेब को दुष्ट करार दिया और आगरा के साथ उसके संबंधों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इसी आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगजेब को चुनौती दी थी और उसे बताया था कि वह कभी भारत पर कब्जा नहीं कर पाएगा. सीएम योगी ने जोधपुर के महाराजा जसवंत सिंह और उनके सेनापति वीर दुर्गादास राठौर को याद करते हुए कहा कि औरंगजेब ने जोधपुर पर कब्जा करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन वहां वीर दुर्गादास जैसे जांबाजों के होने के कारण कभी सफल नहीं हो पाया.
सीएम योगी के इस बयान के बाद जमकर सियासत हो रही है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में उप चुनाव हैं, इसलिए योगी ऐसा बयान दे रहे हैं, ताकि वोटों का ध्रुवीकरण हो सके. वहीं इस रिपोर्ट के माध्यम से हम जानेंगे कि सीएम योगी के हालिया बयान से पहले उन्होंने कौन से ऐसे 8 बड़े बयान दिए, जिसपर जमकर सियासत हुई है.
पहला बयान- हिंदू भारत की एकता, एकाग्रता और सुरक्षा की गारंटी- सीएम योगी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हिंदू कोई जाति, मत और मजहब नहीं है. यह किसी संकीर्ण दायरे का माध्यम नहीं है. यह भारत की सुरक्षा, एकता और एकाग्रता की गारंटी है जिसपर जमकर सियासय हुई थी.

दूसरा बयान- माफियायों को बताया था पिछली सरकारों द्वारा पाले गए जीव- CM योगी ने माफिया को लेकर भी बयान देकर पिछली सरकारों पर हमला किया था. उन्होंने जमीन पर कब्जा, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ को लेकर कहा था कि ये माफिया पिछली सरकारों द्वारा पाले गए जीव थे, लेकिन अब इन्हें भरोसा है कि अगर यूपी में कुछ किया तो बच नहीं पाएंगे.

तीसरा बयान- नफरत की फसल काटने वालों की जमीन हुई बंजर- सीएम योगी आदित्यनाथ ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस व नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन पर विपक्ष पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि कि नफरत की फसल काटने वालों की सियासी जमीन सदा के लिए बंजर हो गई है.

चौथा बयान- उत्तर प्रदेश में माफिया का अब भय नहीं- अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में में अब माफिया का भय नहीं है, क्योंकि आज यहां कानून का राज है, जबकि पिछली सरकारों में कानून व्यवस्था ठीक नहीं थी.

पांचवां बयान- माफिया को मिट्टी में मिला दूंगा- यूपी विधानसभा में अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा था कि क्या यह सच नहीं है कि अतीक अहमद, जिस पर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है, सपा द्वारा पोषित माफिया का हिस्सा है और हमने केवल उसकी कमर तोड़ने का काम किया है? और मैं इस माफिया को मिट्टी में मिला दूंगा.

छठा बयान- सपा प्रमुख को लेकर कहा था तालिबानी मानसिकता- सपा प्रमुख के जिन्ना की तुलना सरदार वल्लभभाई पटेल से करने पर योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यह तालिबानी मानसिकता है जो बंटवारे में भरोसा रखती है. सरदार पटेल ने देश को एकजुट किया था, जो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं.

सातवां बयान- पाकिस्तान की तारीफ करने वाले बैग पैक कर ले- लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के दौरान सीएम योगी ने कहा था कि जो लोग पाकिस्तान की तारीफ करते हैं, उन्हें 4 जून तक अपना बैग पैक कर लेना चाहिए. ऐसे लोगों को भारत पर बोझ बनना नहीं बनना चाहिए, वह वहीं चले जाए.

आठवां बयान- भारत में विलय या समाप्त हो जाएगा पाकिस्तान- कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि पाकिस्तान का या तो भारत में विलय होगा या फिर हमेशा के लिए इतिहास से समाप्त हो जाएगा. सीएम योगी के इस बयान की चर्चा न सिर्फ भारत में हुई थी, बल्कि पाकिस्तान में भी काफी वायरल हुआ था.
