नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और इसके प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला है. वाराणसी में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में राय ने तंज कसते हुए कहा, "RSS में महिलाओं की कोई जगह नहीं है और न ही उनका सम्मान होता है. मोहन भागवत को पहले खुद शादी करनी चाहिए और फिर RSS कार्यकर्ताओं को शादी करने और बच्चे पैदा करने का निर्देश देना चाहिए." अजय राय यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि "RSS में नीचे से ऊपर तक रं**वों की फौज भरी हुई है.
उनके इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है. यह विवाद तब शुरू हुआ, जब गुरुवार को दिल्ली में मोहन भागवत ने एक बयान में कहा कि परिवारों में तीन बच्चों का होना बेहतर है, लेकिन इससे ज्यादा नहीं. उन्होंने जनसंख्या संतुलन और देश के विकास के लिए यह सुझाव दिया, साथ ही हिंदू समुदाय में जन्म दर घटने पर चिंता जताई. राय ने भागवत के इस बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब देश जनसंख्या वृद्धि, बेरोजगारी और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, तब इस तरह की सलाह देना गैर-जिम्मेदाराना है.
उन्होंने तंज कसा, "RSS में तो महिलाएं हैं ही नहीं, फिर बच्चे पैदा करने की सलाह कौन सुनेगा? भागवत जी को पहले खुद शादी करनी चाहिए, फिर दूसरों को नसीहत देनी चाहिए." राय के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी चर्चा छेड़ दी है. कुछ लोग उनके इस तंज को समर्थन दे रहे हैं, मानते हुए कि यह RSS की विचारधारा पर सवाल उठाने का एक तरीका है. वहीं, कुछ लोगों ने इसे RSS और इसके स्वयंसेवकों का अपमान बताते हुए निंदा की है.
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है. कांग्रेस पहले भी RSS और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमलावर रही है, लेकिन इस तरह का व्यक्तिगत तंज सियासी माहौल को और गरमा सकता है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस बयान के जरिए विपक्ष को एकजुट करने और सामाजिक मुद्दों पर बहस शुरू करने की कोशिश कर रही है.
हालांकि, कुछ का कहना है कि ऐसे बयान ध्रुवीकरण को बढ़ा सकते हैं, जिसका फायदा BJP को मिल सकता है. अजय राय का यह बयान न केवल RSS और मोहन भागवत के बयान पर तंज है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मुद्दा बन सकता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का असर विपक्ष और सत्ताधारी दलों की रणनीतियों पर कैसे पड़ता है.