नई दिल्ली: मुंबई से करीब 100 किमी दूर नेरल में एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को लेकर विवाद शुरू हो गया है. इस प्रोजेक्ट को ''हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप'' कहा जा रहा है. इसका प्रचार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हंगामा मच गया है. आरोप है कि इस प्रोजेक्ट को एक खास समुदाय के लिए रिहायशी कॉलोनी के रूप में प्रचारित किया जा रहा है.
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने इस वीडियो को शेयर किया, जिसमें एक महिला हिजाब में टाउनशिप को "सच्चा समुदायिक जीवन" बताती है, जहां "समान विचारों वाले परिवार" रह सकते हैं, बच्चे "हलाल माहौल" में सुरक्षित बड़े हो सकते हैं, और प्रार्थना स्थल व सामुदायिक सभाएं पैदल दूरी पर होंगी.
कानूनगो ने इसे "राष्ट्र के भीतर राष्ट्र" करार देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और कहा कि महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है. शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने इस विज्ञापन के मकसद पर सवाल उठाए और वीडियो हटाने की मांग की. उन्होंने राज्य सरकार से प्रोजेक्ट की जांच करने को कहा.
बीजेपी प्रवक्ता अजीत चव्हाण ने इसे "गजवा-ए-हिंद" की कोशिश बताया और कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट मुंबई या महाराष्ट्र में स्वीकार्य नहीं हैं. उन्होंने इसे संविधान के लिए चुनौती करार दिया और डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. शिकायतें बढ़ने के बाद कि टाउनशिप को धार्मिक आधार पर प्रचारित किया जा रहा है, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है.