आम निवेशक, बुजुर्ग और अल्पसंख्यक शेयरधारक कैसे पाएं अच्छा रिटर्न? दीपम सचिव अरुणिश चावला ने बताया...

Sandeep Kumar Sharma 10 Apr 2025 03:06: PM 1 Mins
आम निवेशक, बुजुर्ग और अल्पसंख्यक शेयरधारक कैसे पाएं अच्छा रिटर्न? दीपम सचिव अरुणिश चावला ने बताया...

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय के निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने बताया कि CPSEs ने FY 2025 में रिकॉर्ड ₹1.50 लाख करोड़ का लाभांश वितरित किया, जिसमें से सरकार का हिस्सा ₹74,000 करोड़ से अधिक रहा. यह कुल लाभांश का लगभग 25% है, जबकि CPSEs की बाजार पूंजीकरण में हिस्सेदारी केवल 10% है. इससे पूर्व के वित्त वर्ष 2023-24 में सीपीएसयू ने 1.23 करोड़ रुपए का लाभांश दिया था. यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के वित्त वर्ष 2025 में प्रदर्शन को दर्शाती है.

अरुणिश चावला ने यह भी सुझाव दिया कि फंड मैनेजर अपने पोर्टफोलियो में सार्वजनिक क्षेत्र के शेयरों को शामिल करें, ताकि आम निवेशक, वरिष्ठ नागरिक और अल्पसंख्यक शेयरधारक इन उपक्रमों द्वारा सृजित मूल्य का लाभ उठा सकें. इसके साथ ही, उन्होंने निजी कंपनियों से भी अपने अल्पसंख्यक शेयरधारकों को उचित लाभांश देने की अपील की, ताकि शेयर बाजार को आम आदमी के लिए बेहतर बनाया जा सके.

दीपम सचिव अरुणिश चावला ने कहा है, ''CPSEs ने  FY 2025 में रिकॉर्ड ₹1.50 लाख करोड़ का लाभांश वितरित किया, जो कुल लाभांश का लगभग 25% है जबकि कुल बाजार पूंजी में केवल 10% हिस्सेदारी है. हम फंड मैनेजरों को अपने पोर्टफोलियो में सार्वजनिक क्षेत्र के शेयरों को शामिल करने का सुझाव देते हैं.''

दीपम सचिव ने और क्या-क्या कहा...

  • उन्होंने कहा, ‘‘बाजार के समीकरण भी दर्शा रहे हैं कि आम आदमी को लाभांश देने में सीपीएसयू निजी कंपनियों से आगे हैं.
  • बाजार में 65 पीएसयू सूचीबद्ध है और बाजार के कुल पूंजीकरण में इन पीएसयू की हिस्सेदारी सिर्फ 10 प्रतिशत है.
  • सूचीबद्ध कंपनियों की तरफ से लोगों को लाभांश देने के मामले में पीएसयू की हिस्सेदारी 23 फीसदी है.
  • किसी भी सरकारी कंपनियों के विनिवेश के दौरान सरकार छोटे व आम निवेशकों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेगी
  • विभाग द्वारा इस मामले में रणनीति तैयार की जा रही है और बाजार की परिस्थिति को देखते हुए फैसला किया जाएगा.

दीपम सचिव अरुणिश चावला ने कहा कि कंपनियों के प्रदर्शन पर उनका विनिवेश निर्भर करेगा. यानी कंपनियों के प्रदर्शन को लाभांश से जोड़ा जाएगा और उसके आधार पर ही फैसला होगा. विभाग की तरफ से जानकारी दी गई है कि विनिवेश को लेकर सरकार की नीति के मुताबिक आगे बढ़ने का काम किया जा रहा है. इसके लिए वर्चुअल डाटा रूम स्थापित किए जा रहे हैंऔर कंपनियों के संपदा के मूल्यांकन कर्ता नियुक्त किए जा रहे हैं.

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