नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की हाथरस पुलिस ने साइबर क्राइम को लेकर बड़ा खुलासा किया है. थाना कोतवाली और एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठग गैंग के कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ये लोग फर्जी सीबीआई और आर्मी अधिकारी बनकर ठगी करते थे. पुलिस की ओर से बताया गया है कि ये लोग अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक का फ्रॉड कर चुके थे.
ये लोग भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते थे और उनका बैंक अकाउंट लेकर खाते में फ्रॉड मनी ट्रांसफर कर एटीएम से निकाल लेते थे. पुलिस ने फ्रॉड में शामिल 6 लोगों को जैसे ही गिरफ्तार किया, पूरे जिले में हड़कंप मच गया. आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे खुद को आर्मी और सीबीआई अफसर बताकर लोगों को विश्वास में लेते थे और सस्ते दामों पर घरेलू सामान बेचने की बात कहते थे. फिर ऑनलाइन पेमेंट का लालच देक ठगी की वारदात को अंजाम देते थे.
गिरोह के सदस्य हमजा, अंसार, हाशिम और इरफान जैसे आरोपी लोगों से बैंक खाते किराए पर लेते थे. फिर इन खातों में फ्रॉड के पैसे मंगवाए जाते थे और एटीएम से निकासी की जाती थी.पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि साइबर फ्रॉड में शामिल आरोपी अलीगढ़ बाईपास स्थित गंगाधाम कॉलोनी की पुलिया पर खड़े हैं. पुलिस और एसओजी की टीम ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और मौके पर पहुंचकर 6 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों के कब्जे से 15 हजार रुपये, 17 एटीएम कार्ड, 8 मोबाइल फोन, 13 फर्जी आधार कार्ड और बैंक पासबुक बरामद हुई है. एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि ये आरोपी नए तरीके से ठगी करते थे. आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. ये सभी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं.
मीडिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों के लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी की है. पुलिस अब पीड़ितों से भी संपर्क करने की कोशिश कर रही है. एसपी सिन्हा ने लोगों से अपील की है कि अज्ञात कॉल करने वालों पर भरोसा न करें. किसी भी संदिग्ध लेन-देन को लेकर पुलिस को सूचना दें.