अजमेर: चंबल के बीहड़ों में वर्षों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. महज तीन रुपए के विवाद से शुरू हुआ झगड़ा उसे अपराध की दुनिया में ले गया और देखते ही देखते वह राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया. हाल ही में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद एक बार फिर उसकी आपराधिक जिंदगी चर्चा में है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जगन गुर्जर का अपराध की दुनिया में कदम एक मामूली विवाद के बाद पड़ा. धीरे-धीरे उसने चंबल के बीहड़ों में अपना गैंग खड़ा कर लिया और हत्या, डकैती, फिरौती, अपहरण तथा रंगदारी जैसे संगीन अपराधों में शामिल होता चला गया. उसके खिलाफ तीन राज्यों में 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे और उस पर लाखों रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था.
बताया जाता है कि पुलिस के लगातार दबाव और एनकाउंटर की आशंका के चलते जगन गुर्जर ने आखिरकार आत्मसमर्पण का फैसला किया था. इसके बाद वह जेल में बंद था, लेकिन सोमवार को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में संदिग्ध रूप से उसकी मौत हो गई, कुछ लोग इसे हत्या बता रहे हैं. शुरुआती जांच में भी बैरक के भीतर दूसरे कैदी के साथ विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
जगन गुर्जर का नाम लंबे समय तक चंबल के सबसे खतरनाक डकैतों में गिना जाता रहा. उसके खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, अपहरण और रंगदारी समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे. जेल के भीतर हुई उसकी हत्या ने हाई सिक्योरिटी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.