लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में जल्द बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक 4 मई के बाद कभी भी योगी सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार और विभागों में बदलाव हो सकता है. बीजेपी लोकसभा चुनाव के बाद अब पूरी तरह मिशन 2027 की तैयारी में जुटी हुई है और संगठन से लेकर सरकार तक संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है.
चर्चा है कि इस संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है. जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अशोक कटारिया, पूजा पाल, श्रीकांत शर्मा, राजीव और कृष्णा पासवान शामिल हैं. माना जा रहा है कि सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए इन नेताओं को सरकार में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है.
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि डिप्टी सीएम के विभागों में फेरबदल के संकेत हैं. कुछ बड़े विभागों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर सरकार प्रशासनिक और राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है. योगी सरकार के पहले कार्यकाल में जिस विभाग की कार्यशैली और विवादों ने एक बड़े नेता से मंत्री पद छीन लिया था, उसी विभाग को लेकर इस बार भी हलचल तेज है. माना जा रहा है कि उस विभाग के मौजूदा मंत्री समेत दो राजपूत मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर किया जा सकता है.
वहीं अनुसूचित जाति (SC) प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए दो मंत्रियों के प्रमोशन की भी चर्चा है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी मिल सकती है. बीजेपी इस समय पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रही है. पार्टी का लक्ष्य 2027 विधानसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें हासिल करना है. ऐसे में मंत्रिपरिषद विस्तार को सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है. अब सबकी नजर 4 मई के बाद होने वाले संभावित फैसलों पर टिकी है.