क्या रामपुर के आजम खान की तरह ही बंगाल का जहांगीर खान जेल जाने वाला है, क्या जहांगीर की पूरी कुंडली बंगाल का कोई बड़ा नेता सबूतों के साथ खोलने वाला है, जो रामपुर में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने किया, जैसे उन्होंने आजम खान के खिलाफ कई सबूत जुटाए, अदालत तक पहुंचाए, तमाम खतरों के बावजूद उन्हें सजा दिलवाने के लिए दिन-रात एक कर दिया, क्या वही काम फालता विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी देबांशु पांडा करने वाले हैं...46 साल के देबांशु पेशे से वकील हैं...हालांकि इनके ऊपर भी पहले से कई मामले दर्ज हैं, लेकिन इस सीट को लेकर जो ख़बर अब सामने आई है, उसने जहांगीर खान और उसके समर्थकों के होश उड़ा दिए हैं...
लेकिन सवाल है जब 2 मई को बंगाल के 15 बूथों पर रीपोलिंग करवाया गया, तो फिर फालता सीट पर अलग से तारीख क्यों रखी गई...क्या शुरुआत में चुनाव आयोग को रिपोलिंग की आशंका महसूस नहीं हुई, जब वहां महिलाओं ने जहांगीर खान के खिलाफ धरना देना शुरू कर दिया, ये खुलेआम कहा कि उन्हें टीएमसी को वोट देने के लिए घरों में घुसकर धमकी दी गई, तब चुनाव आयोग को लगा कि दोबारा वोटिंग करवानी होगी...अगर ऐसा है तो फिर वोटर्स को डरा धमकाकर जहांगीर खान के विधानसभा पहुंचने का सपना टूट सकता है....
जानकार कहते हैं जिस हिसाब से एग्जिट पोल में अनुमान जताए जा रहे हैं, वैसा रिजल्ट अगर आता है, और बीजेपी की सरकार वहां बनती है, तो फिर पहला एक्शन जहांगीर खान पर ही हो सकता है, क्योंकि उसने सिंघम IPS अजयपाल शर्मा की कार्रवाई के बाद उन्हें चुनौती दी, एक पुलिस अधिकारी को धमकाने की कोशिश की...योगी ने तो पहले ही वादा कर दिया है कि बंगाल में भी बुलडोजर चलेगा...
जिसके खिलाफ ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने खूब प्रचार किया, लेकिन जनता किसे चुनती है ये तय 4 मई को होना है...फालता सीट पर दोबारा वोटिंग का फायदा किसे मिलना है ये भी वहां की जनता तय करेगी, लेकिन जिन महिलाओं ने धरना दिया, जिन महिलाओं को जहांगीर के लोगों ने धमकाया, क्या उनका श्राप जहांगीर की सियासत का द एंड कर देगा, ये सवाल भी बड़ा है....
फिलहाल जहांगीर खान का कद टीएमसी में इतना बड़ा है कि वो अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं, इसीलिए इस सीट पर दोबारा वोटिंग ने टीएमसी की टेंशन बढ़ा दी है, क्योंकि डायमंड हार्बर हो या फाल्टा सीट सब टीएमसी का गढ़ माना जाता है, और इस गढ़ को बचाने के लिए ममता से लेकर अभिषेक बनर्जी तक लगातार जुटे हैं, अपने काउंटिंग एजेंट के साथ मीटिंग कर ये संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि टीएमसी इस बार 200 के पार सीटें जीतने वाली है...जबकि बीजेपी दावा कर रही है कि वो इस बार सरकार बना सकती है...