भरूच: गुजरात के भरूच जिले के जांबूसर तालुका में पंचायत चुनाव परिणाम आने के बाद एक गांव में पानी की सप्लाई चार दिनों तक बंद रखने का गंभीर आरोप सामने आया है. कवि-2 सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार शकील अहमद मलिक आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार सोहेल मलिक से हार गए.
हार के बाद उनके और उनके पिता खालिद मलिक पर देहगाम गांव की पानी सप्लाई रोकने का आरोप लगा. खालिद मलिक स्थानीय पानी समिति के अध्यक्ष हैं, जो गांव में पानी की व्यवस्था देखते हैं.
देहगाम गांव में करीब 10,000 लोग रहते हैं. 26 अप्रैल को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद 28 अप्रैल से गांव में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई. ग्रामीणों को चार दिन तक पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी. पुलिस ने शकील मलिक और उनके पिता खालिद मलिक को शनिवार को हिरासत में लिया, बाद में दोनों को जमानत मिल गई.
पुलिस की दखल के बाद शुक्रवार शाम को गांव में पानी की सप्लाई फिर शुरू कर दी गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि वोटिंग से पहले शकील मलिक ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें वोट नहीं मिले तो पानी बंद कर दिया जाएगा.
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष पीयूष पटेल ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की. कांग्रेस पार्टी ने भी इस घटना की तीखी आलोचना की. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हार के बाद BJP नेता ने हजारों लोगों को पानी से वंचित रखकर मानवता के खिलाफ काम किया.
इस घटना के बावजूद गुजरात पंचायत चुनाव 2026 में BJP ने शानदार प्रदर्शन किया. पार्टी ने जिला पंचायतों, तालुका पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में बहुमत हासिल किया. अधिकांश सीटों पर BJP की जीत दर्ज हुई, जबकि कांग्रेस और AAP को सीमित सफलता मिली.
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. यह घटना स्थानीय स्तर पर चुनावी हार के बाद सत्ता के दुरुपयोग और नागरिक सुविधाओं को राजनीतिक हथियार बनाने की चिंताओं को फिर से सामने लाई है.