नई दिल्ली : नीट यूजी परीक्षा को लेकर जारी विवाद और राजनीतिक गहमागहमी के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. देश के युवाओं के नाम लिखे अपने पत्र में उन्होंने पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में स्पष्ट किया कि NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की खबर आते ही निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जांच तुरंत सीबीआई (CBI) को सौंपी गई और परीक्षा रद्द कर पुनः कराई गई. उन्होंने कहा कि 20 लाख से अधिक मेधावी छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और किसी के साथ अन्याय न होने देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है.
इसी दिशा में कदम उठाते हुए आगामी वर्ष से NEET परीक्षा को CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में कराने का बड़ा फैसला लिया गया है. 16 जुलाई को घोषित परिणामों को उन्होंने संतोषजनक करार दिया.
आरोप लगाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने इस संवेदनशील मामले में छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर बनी स्थिति का फायदा राष्ट्र-विरोधी ताकतें न उठा सकें और छात्रों का भविष्य किसी कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है. भारत की युवा शक्ति को देश की असली ताकत बताते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने छात्रों से अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित करने की भावुक अपील की.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया. अंत में, उन्होंने राष्ट्रसेवा को अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वे भविष्य में भी भारत, ओडिशा और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित रहेंगे.