लखनऊ : बिहार बंद के दौरान सिवान में छात्र प्रदर्शन पर पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग की घटना अब सियासी मुद्दा बन गई है. समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने इस घटना को लेकर केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज और उनकी "स्पिरिट" को कुचला जा रहा है. उनका आरोप था कि छात्रों की मांग सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है.
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि देश में युवाओं और छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अब अपराध बन गया है. उनके मुताबिक, लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना नागरिकों का अधिकार है और सरकार को उसे दबाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए.
दरअसल, 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच एक पुलिसकर्मी का AK-47 लेकर फायरिंग करते हुए वीडियो वायरल हुआ था. घटना के बाद संबंधित पुलिसकर्मी अभिषेक कुमार पटेल को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई. पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि छात्रों के खिलाफ इस तरह के हथियार का इस्तेमाल उचित नहीं था और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी घटना की आलोचना करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. वहीं सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.