ED ने TMC नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस को नगरपालिका भर्ती घोटाले में किया गिरफ्तार

Amanat Ansari 11 May 2026 10:52: PM 2 Mins
ED ने TMC नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस को नगरपालिका भर्ती घोटाले में किया गिरफ्तार

Former West Bengal Minister Sujit Bose: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों के अनुसार, बोस को मंगलवार को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. ED के अनुसार, सुजीत बोस ने दक्षिण दम दम नगरपालिका में विभिन्न पदों पर करीब 150 उम्मीदवारों की सिफारिश की थी, जिसके बदले उन्हें नकद लाभ मिला.

एजेंसी का दावा है कि बोस ने कई लोगों को नगरपालिका नौकरियां दिलाने के एवज में फ्लैट्स के रूप में अपराध की आय हासिल की. जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बोस से जुड़े बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा पाए गए. यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब पूर्व मंत्री (जिन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में बिधाननगर सीट हार दी थी) ED के समक्ष पूछताछ के लिए पहुंचे थे. बोस सुबह करीब 10:30 बजे अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सॉल्ट लेक स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में ED कार्यालय पहुंचे.

पहले के समन को किया था अनदेखा

यह पहली बार नहीं था जब केंद्रीय एजेंसी ने बोस को दक्षिण दम दम नगरपालिका और अन्य नागरिक निकायों में 2014 से 2018 के बीच हुई कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच में समन भेजा हो. सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बोस को ED की ओर से कई नोटिस मिले थे, जिनमें से एक 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने के दिन भी आया था.

बोस ने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख कर ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी और चुनाव प्रचार में व्यस्तता का हवाला दिया था. चुनाव समाप्त होने के बाद वे 1 मई को ED अधिकारियों के सामने CGO कॉम्प्लेक्स में पेश हुए थे. कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में दो बार छापेमारी की थी. ED ने 10 अक्टूबर 2025 को 13 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें बोस के कार्यालय भी शामिल था. इस दौरान जांचकर्ताओं ने आरोपियों दस्तावेज बरामद किए और 45 लाख रुपए नकद जब्त किए.

कैसे सामने आया था यह घोटाला?

यह मामला पश्चिम बंगाल के विभिन्न नगरपालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है. यह ED की प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच से सामने आया. 2023 की जांच के दौरान ED ने TMC सहयोगी अयन सिल और अन्य से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे. इन सामग्रियों की जांच से पता चला कि कथित घोटाला केवल शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि दक्षिण दम दम समेत कई अन्य नगरपालिकाओं में भी भर्ती अनियमितताएं हुई थीं.

भर्तियां मजदूर, सफाई कर्मी, क्लर्क, पीओन, एंबुलेंस अटेंडेंट, असिस्टेंट मिस्त्री, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, सैनिटरी असिस्टेंट और ड्राइवर जैसे पदों पर हुई थीं. ED ने आगे आरोप लगाया कि विभिन्न नगरपालिका निकायों से जुड़े ठेके एक ही कंपनी M/s ABS Infozon Pvt Ltd को दिए गए थे, जिसमें अयन सिल डायरेक्टर थे. जांचकर्ताओं का दावा है कि सिल ने सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक नेताओं और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ सांठगांठ करके अयोग्य उम्मीदवारों की नौकरियां पैसे लेकर लगवाईं.

ED Enforcement Directorate investigation Sujit Bose municipal recruitment scam

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