नई दिल्ली: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने आपातकाल की घोषणा कर दी है. यह कदम भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक सैन्य हमलों के बाद उठाया गया है. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 25 मिनट के भीतर नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 80 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है. इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, और नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार गोलीबारी की जा रही है.
मरियम नवाज का आपातकाल का ऐलान
पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने बुधवार को आपातकाल की घोषणा की और सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया. उन्होंने सभी अस्पताल कर्मचारियों, पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दीं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया. मरियम ने भारत की कार्रवाई को "आक्रामक" करार देते हुए कहा, "भारत ने यह शुरू किया हो सकता है, लेकिन हम इसे खत्म करेंगे." उन्होंने जनता से घरों में रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की. लाहौर और सियालकोट हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है, और बहावलपुर के अस्पतालों में भी आपातकाल लागू किया गया है.
भारत का ऑपरेशन सिंदूर: आतंकी ठिकानों पर हमला
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से 1:05 बजे से 1:30 बजे तक नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए. इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके (पंजाब, पाकिस्तान) शामिल था. भारत ने दावा किया कि यह कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर आधारित थी और इसका उद्देश्य आतंकवाद की रीढ़ तोड़ना था. हमलों में कोई पाकिस्तानी सैन्य ठिकाना निशाना नहीं बनाया गया.
LoC पर लगातार गोलीबारी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजौरी और अखनूर जैसे क्षेत्रों में लगातार नौ रातों तक गोलीबारी हुई. पाकिस्तान ने भारी मोर्टार का इस्तेमाल किया, जिससे तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई और कई घर व दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं. भारतीय सेना ने भी इसका जवाब दिया. पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने तीन भारतीय विमानों को मार गिराया, जबकि भारत ने ऐसी किसी हानि से इनकार किया.
भारत-पाकिस्तान तनाव और वैश्विक प्रतिक्रिया
भारत की कार्रवाई के बाद विश्व नेताओं ने चिंता जताई और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्थिति को "शर्मनाक" बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सैन्य संयम की माँग की. इजरायल ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया, जबकि चीन ने कार्रवाई को "खेदजनक" बताया. संयुक्त अरब अमीरात और जापान ने कूटनीति और बातचीत पर जोर दिया.