नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस तथा AIMIM के साथ कथित तौर पर एकजुट होने पर BJP नेताओं पर कड़ा प्रहार किया और कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे समझौते पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अनुमोदित नहीं हैं और ये संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन हैं.
फडणवीस ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, "मैं बहुत स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या AIMIM के साथ कोई भी गठबंधन स्वीकार नहीं किया जाएगा. अगर किसी स्थानीय नेता ने अपनी मर्जी से ऐसा फैसला लिया है, तो यह अनुशासन की दृष्टि से गलत है और कार्रवाई की जाएगी." उन्होंने आगे कहा कि ऐसे गठजोड़ों को पूर्ववत करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं.
बुधवार को आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के कुछ नगर परिषदों में BJP ने चुनाव बाद अपने प्रतिद्वंद्वियों कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन किया है. पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद, कुछ BJP नेताओं ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ 'अंबरनाथ विकास आघाड़ी' के बैनर तले हाथ मिलाकर अंबरनाथ नगर परिषद का नेतृत्व हासिल किया.
इसी तरह, BJP नेताओं ने अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और कई अन्य दलों के साथ ऐसा ही गठबंधन किया. कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने बुधवार को महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस-BJP गठबंधन की रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया. उनका यह स्पष्टीकरण उस चर्चा के बाद आया जिसमें सत्ता हासिल करने के लिए यह अप्रत्याशित राजनीतिक पुनर्गठन हुआ था, जिससे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया गया.
सावंत ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ BJP और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं है, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एक साथ आकर स्थानीय स्तर पर शिंदे सेना की कथित "भ्रष्टाचार" के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने X पर लिखा, "अंबरनाथ में पार्टी संबद्धता और चिह्नों को अलग रखकर विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने शिंदे सेना के स्थानीय स्तर पर किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ अंबरनाथ विकास आघाड़ी बनाई है. इसमें निर्दलीय भी शामिल हैं. इसलिए कांग्रेस और BJP के एक साथ आने की खबरें गलत हैं. कृपया ध्यान दें."
इस गठबंधन की रिपोर्ट्स से महाराष्ट्र में सत्ता साझेदार शिवसेना में तीव्र असंतोष पैदा हुआ, जहां अंबरनाथ में सत्ता समीकरण से बाहर कर दिया गया. शिंदे गुट के विधायक बालाजी किनिकर ने इस गठजोड़ को "अशुद्ध गठबंधन" करार दिया और BJP पर विश्वासघात का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "जो पार्टी कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती थी, वह अब कांग्रेस के साथ सत्ता में है. यह शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है."