Falta election result 2026 : पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान की मतगणना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. विपक्षी दलों ने मतगणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि आज दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 राउंड की गिनती पूरी कर ली गई, जबकि 4 मई को इसी समय तक केवल 2 से 4 राउंड की ही गिनती हो पाई थी. इस अंतर को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा जा रहा है.
विपक्ष का दावा है कि पिछले 10 दिनों में फाल्टा क्षेत्र के एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को कथित राजनीतिक हिंसा और दबाव के कारण अपने घर छोड़ने पड़े. साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. मामले को और गंभीर बनाते हुए आरोप लगाया गया है कि जिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पर मतदाता सूची में हेरफेर और नाम हटाने के आरोप लगे, उन्हें फाल्टा में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया गया. विपक्षी दल इसे चुनावी निष्पक्षता पर बड़ा सवाल बता रहे हैं.
सबसे बड़ा आरोप मतगणना केंद्र को लेकर लगाया गया है. विपक्ष का कहना है कि 4 मई को चुनाव आयोग के अधीन तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों ने कथित तौर पर भाजपा को छोड़ अन्य दलों के काउंटिंग एजेंटों को मतगणना स्थल से बाहर कर दिया था. इन आरोपों के बाद स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है. विपक्षी दलों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनादेश की विश्वसनीयता पर सवाल लगातार उठते रहेंगे.