पहाड़ी आरक्षण, Article 370 और घाटी में बढ़ते आतंकवाद को लेकर फारूक का BJP पर जुबानी हमला

Global Bharat 23 Sep 2024 04:04: PM 2 Mins
पहाड़ी आरक्षण, Article 370 और घाटी में बढ़ते आतंकवाद को लेकर फारूक का BJP पर जुबानी हमला

पहाड़ियों के आरक्षण (Reservation) की बात करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री (Jammu-Kashmir Former CM) फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने बीजेपी (BJP) पर जमकर हमला बोला. साथ ही अनुच्छेद 370 (Article 370) पर जेकेएनसी प्रमुख (J&K NC Chief) फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा कि यह एक कानूनी लड़ाई है...जब तक इसे बहाल नहीं किया जाता हम सुप्रीम कोर्ट (SC) का दरवाजा खटखटाते रहेंगे। यह लोगों के सम्मान का मामला है...

अनुच्छेद 370 के महत्व के ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छीने जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश के लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है. पूर्व मुख्यमंत्री ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि क्षेत्र के लोग अपनी नौकरियां खो रहे हैं, जो अन्य राज्यों के लोगों को दी जा रही हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान जम्मू-कश्मीर में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव (Jammu Kashmir Assembly Elections) से कुछ दिन पहले आया है, जो 25 सितंबर को होने हैं.

उन्होंने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने 1927 में एक नियम बनाया था. उस समय पाकिस्तान और हिंदुस्तान नहीं था. महाराज को चिंता थी कि अगर राज्य पर कब्ज़ा हो गया और अमीर आकर उनकी ज़मीन हड़प गए तो हमारे लोग कहां जाएंगे? यही नियम अनुच्छेद 370 में बदल गया. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, हमारी ज़मीनें और नौकरियां हमसे छीनी जा रही हैं.

दूसरे राज्यों के लोगों को यहां नौकरी दी जा रही है. यह आपकी ज़मीन है और आपके बच्चों को ये नौकरियां मिलनी चाहिए. हम वादा करते हैं कि हम 1 लाख युवाओं को रोज़गार देंगे. गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा इस साल अगस्त में जारी किए गए चुनाव घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 को बहाल करने का दावा किया गया था.

पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने घोषणापत्र जारी किया, जिसमें अनुच्छेद 370, 35-ए और राज्य का दर्जा बहाल करने, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 को फिर से बनाने और कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास जैसे कई बड़े वादे शामिल हैं.

गुज्जरों और पहाड़ियों के लिए आरक्षण समाप्त करने के प्रयासों के बारे में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के आरोपों के जवाब में, फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं भाजपा से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने दस साल तक शासन किया लेकिन संसदीय चुनावों से ठीक पहले, पहाड़ियों को एसटी का दर्जा दिया गया, पहले क्यों नहीं?

Recent News