फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने न्याय की गुहार लगाने जा रहे पीड़ित परिवार के साथ बदसलूकी और मारपीट करना महिला थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जहानगंज थाना प्रभारी (SHO) पूनम अवस्थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री की सभा में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने परिवार के साथ अभद्रता की और महिला के बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया था।
घर में घुसकर मारपीट, मोबाइल छीना
घटना फर्रुखाबाद पुलिस लाइन में 3 सितंबर को आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान की है। जहानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कोरीखेड़ा निवासी पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री के सामने पेश होकर अपने बेटे के अपहरण और हत्याकांड के खुलासे की मांग करने जा रहा था।
जैसे ही स्थानीय पुलिस को परिवार के इस कदम की भनक लगी, थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी पुलिस बल के साथ पीड़ित के घर पहुंच गईं। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर में ही रोक लिया और विरोध करने पर जमकर मारपीट की। इस दौरान थानाध्यक्ष ने परिवार की एक महिला के बाल पकड़कर उसे बेरहमी से जमीन पर पटक दिया। जब परिजनों ने इस ज्यादती का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो दो सिपाहियों ने उनके साथ मारपीट कर मोबाइल छीन लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
9 महीने बाद भी नहीं सुलझी मासूम की हत्या की गुत्थी
दरअसल, कोरीखेड़ा निवासी चंद्र प्रकाश गुप्ता के 10 वर्षीय बेटे आशुतोष गुप्ता का 10 दिसंबर 2025 को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर मासूम की मां पूनम ने जहानगंज थाने में 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
घटना के 9 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग लगाने में पूरी तरह नाकाम रही। पुलिसिया कार्रवाई से निराश और हताश होकर पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखकर न्याय मांगना चाहता था, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
डिप्टी सीएम से गुहार के बाद गिरी गाज
पुलिस के इस अमानवीय रवैये के बाद पीड़ित बच्चे की बहन और चाचा 10 सितंबर को लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों और थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वायरल वीडियो और उच्चाधिकारियों के संज्ञान लेने के बाद फर्रुखाबाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने आरोपी थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी को निलंबित कर दिया है, जबकि अन्य दोषी पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।