बजट सत्र (Budget Session) की शुरुआत के साथ ही नीट मुद्दे (NEET Paper Leak) को लेकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के तीखे सवालों से लोकसभा (Lok Sabha) में शिक्षा मंत्री (Education Minister) धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) घिर गए. अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक का रिकॉर्ड मोदी सरकार (Modi Government) बनाएगी...ये मंत्री रहेंगे तो बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा.. अखिलेश यादव के बाद राहुल गांधी ने कहा कि देश को दिख रहा है कि परीक्षा सिस्टम में बहुत सी कमी है. परीक्षा सिस्टम में धांधली की गई है. धर्मेंद्र प्रधान ने सबकी कमी गिना दी, लेकिन अपनी नहीं गिनाई.
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश के करोड़ों छात्रों और देशवासियों को इस बात का यकीन हो गया है कि वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली फ्रॉड है. जिसके पास पैसा है वह इस पूरी प्रणाली को खरीद सकता है. साथ ही कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर कहा कि पिछले सात वर्षों में 70 पेपर लीक हुए हैं. इसी बीच द्रमुक सांसद कलानिधि ने नीट परीक्षा को निरस्त करने की मांग की.
जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहा कि मेरी जो शिक्षा है और मेरे जो संस्कार है वही मेरा सामाजिक जीवन है. मुझे जनता की स्विकृति मिली है. मुझे सदन में किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को चुना है और मैं उनके निर्णय सदन में उत्तर दे रहा हूं. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि यह जो आपने शिक्षा प्रणाली को फ्रॉड बताया है, इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ भी नहीं है. मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में अबतक केवल पटना में नीट यूजी पेपर लीक का एक मामला सामने आया है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. उन्होंने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. साथ ही जानकारी दी है कि 7 हजार केंद्रों में से केवल एक जगह कदाचार की सूचना मिली है और विपक्ष बढ़ा-चढ़ाकर बोल रहे हैं.