नई दिल्ली: भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह, जो बिहार के काराकाट विधानसभा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार हैं, पर आदर्श आचार संहिता तोड़ने का केस दर्ज हो गया है. उनके माता-पिता, भाई-बहन सहित कुल 18 लोगों को इसमें नामजद किया गया है. यह कार्रवाई 11 नवंबर की आधी रात को बिना मंजूरी के एक होटल में रुकने से संबंधित है.
काराकाट के निर्वाचन अधिकारी प्रभात कुमार ने खुद इसकी शिकायत दर्ज कराई, और बिक्रमगंज पुलिस ने बुधवार को इसकी पुष्टि की.जानकारी के मुताबिक, 11 नवंबर को रात करीब 12:25 बजे बिक्रमगंज एसडीओ व काराकाट क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर प्रभात कुमार ने डेहरी रोड पर स्थित मां विंध्यवासिनी होटल पर छापा मारा.
वहां ज्योति सिंह परिवार के सदस्यों व राज्य के बाहर से आए कई लोगों के साथ रुकी हुई थीं. चुनावी प्रचार थम चुका था, इसलिए होटल में ठहरना आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन था.अधिकारी के बयान में उल्लेख है कि छापे के वक्त तीन वाहन मौके पर मिले, जिनमें से दो की अनुमति 9 नवंबर को ही खत्म हो चुकी थी, फिर भी उन्हें चुनावी दौर में इस्तेमाल किया जा रहा था.
जांच टीम का आरोप है कि ज्योति सिंह व उनके समर्थकों ने सहायता न देकर बाधा डाली. ज्योति सिंह ने दावा किया कि छापे में अधिकारियों ने महिलाओं के रूम में जबरदस्ती घुसपैठ की, लेकिन एसडीओ प्रभात कुमार ने इसे पूरी तरह नकार दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि होटल का गेट खुलते ही दरवाजे पर ही रुक गए थे, क्योंकि कमरे में महिलाएं मौजूद थीं.
हादसे के बाद ज्योति सिंह ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें प्रशासन पर चुनावी साजिश का इल्जाम लगाया. उन्होंने कहा कि मुझे कमजोर करने के लिए बिना महिला पुलिस की मौजूदगी में होटल पर दबिश दी गई. मुझे घंटों तंग किया गया.
वीडियो वायरल होने पर एसडीओ ने पत्रकारों से कहा कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया है और किसी को कानून से बड़ा नहीं समझा जाएगा. बिक्रमगंज के थाना प्रभारी ललन कुमार ने पुष्टि की कि एसडीओ की शिकायत पर थाना कांड नंबर 765/25 दर्ज हो चुका है. जांच आगे चल रही है.