नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में सूखे और कम बारिश के बाद मॉनसून ने जोरदार वापसी की है. भारत मौसम विभाग (IMD) और ISRO के सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 5 चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय हो गए हैं, जो मॉनसून ट्रफ को मजबूती दे रहे हैं. ISRO के INSAT-3DR और INSAT-3DS सैटेलाइट्स की तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि ये सिस्टम मॉनसून ट्रफ के साथ जुड़कर उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश करा रहे हैं.
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं. बंगाल की खाड़ी (उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व) में सबसे ठंडे और ऊंचे बादल दिख रहे हैं, जो तेज वर्षा का संकेत देते हैं. अरब सागर की तरफ भी ठंडे बादलों का एक बड़ा समूह गुजरात-महाराष्ट्र तट की ओर बढ़ रहा है.
ये सर्कुलेशन मॉनसून ट्रफ (निम्न दबाव की पट्टी) को मजबूत कर रहे हैं, जिसके कारण लगातार नमी भरी हवाएं भारत की ओर आ रही हैं. IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मध्य भारत, पश्चिमी हिमालय, पूर्वोत्तर और कोंकण-गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है. यह सक्रिय मॉनसून स्पेल चालू मौसम में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है.
IMD ने अगले 24 घंटों के लिए दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का Red Alert जारी किया है. कई इलाकों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है. उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन अलर्ट मोड पर. IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण मानसून ट्रफ मजबूत हो गई है, जिससे देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश हो रही है.