Yogi Government with Farmers: यूपी के कई शहरों में आंधी-बारिश का प्रकोप बीते कई दिनों से जारी है, जिसकी वजह से कहीं पेड़ गिर रहा है, तो कहीं सड़क धंस रही है, यहां तक कि किसानों की खड़ी फसल भी बर्बाद हो चुकी है. एक-एक जिले में लाखों का नुकसान हुआ है, 75 में से करीब 40 से ज्यादा जिलों में गेहूं की 60 फीसदी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. आंधी-तूफान का आम पर भी बुरा असर पड़ा है, जिसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले वैज्ञानिकों से पूछा कि ये बेमौसम बारिश क्यों हो रही है तो इसका उन्हें चौंकाने वाला जवाब मिला.
वैज्ञानिकों ने कहा कि इसकी वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानि पश्चिमी विक्षोभ है, ईरान और पाकिस्तान में जो बवंडर उठा है, हमारे यहां के मौसम बिगड़ने का वो भी कारण है. बादल काफी नीचे हैं और यह ओलावृष्टि का कारण बनेगा, साथ ही असमय बारिश का भी कारण बनेगा. यानि प्रकृति से पहले हुए खिलवाड़ और जंग में चले हथियारों से हवा इतनी जहरीली हो गई है कि मौसम का संतुलन बिगड़ता जा रहा है...जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, जिसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बुलाकर सख्त आदेश दिए. हर जिले के अधिकारी से रिपोर्ट मांगी, और 5 बड़े आदेश दिए.
यानि यूपी के जिन-जिन जिलों में फसलों का नुकसान हुआ है, किसान मौसम की मार झेल रहे हैं, उन तक अधिकारी खुद पहुंचेंगे, उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे. अलग-अलग योजनाओं के तहत जरूरतमंदों को मदद देने का ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद किया है, जिसमें मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपये की मदद भी शामिल हैं.
हालांकि मौसम का ये बिगड़ा मिजाज इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाला, बल्कि आने वाले दिनों में दिक्कतें और बढ़ सकती हैं. मौसम पर नजर रखने वाली स्काईमेट का दावा है कि प्रशांत महासागर में साल 2025 में जो ला नीना यानि ठंडा पानी था, उससे बारिश अच्छी हुई थी, पर 2026 में वहां अल नीनो यानि पानी गर्म हो जाएगा, जिससे मानसून की हवाएं कमजोर होंगी. और अगस्त से सितंबर के बीच सामान्य से 5 फीसदी कम बारिश होगी.
इसका मतलब ये हुआ कि देश के कई हिस्सों में सूखे की आशंका है, इसी बीच तूफान की भी आशंका जताई जा रही है. जो किसानों की मुश्किलें बढ़ाने वाला होगा. कई भविष्यवाणियां पहले से ही धरतीं पर अब अकाल का दावा कर रही हैं, ऐसे में प्रकृति का संतुलन बनाए रखना ही एकमात्र विकल्प हो सकता है, ताकि मौसम और न बिगड़ने पाए, वरना अप्रैल में अगस्त वाली बारिश होश उड़ाने वाली है..