विदेशी और देश के अंदर बैठे ताकतों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर निशाना साधा है. जयशंकर ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत में एक देश-विरोधी पारिस्थितिकी तंत्र काम कर रहा है, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खान मार्केट गैंग करार दिया. उन्होंने कहा कि ये कथित उदारवादी, पश्चिमी सोच वाले लोगों का समूह है, जो चुनाव के दौरान भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. विदेश मंत्री ने कहा कि ये लोग अपने फायदे के लिए भारत की राजनीति की दिशा को प्रभावित करना चाहते हैं.
विदेश मंत्री ने कहा 'पश्चिमी मीडिया और इस इंटरनेशनल खान मार्केट गैंग के बीच संबंध हैं. यह एक तरह की अभिजात्य वामपंथी सोच वाले लोग हैं, जो भारतीय मीडिया से खबरों को लेकर भारत को ही बदनाम करने की कोशिश करते हैं. देश में एक खास विचारधारा के लोग हैं, जिन्हें अक्सर खान मार्केट गैंग कहा जाता है. उसी तरह से इंटरनेशनल खान मार्केट गैंग भी है. ये लोग आपस में जुड़े हुए हैं.
चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश
जयशंकर ने कहा कि ये भारत विरोधी पारिस्थितिकी तंत्र भारत की नकारात्मक छवि दुनिया के सामने पेश करता है और इस तंत्र के लोग राजनीतिक पार्टियों में भी हैं. उन्होंने कहा जब घरेलू खान मार्केट में मुद्दे नहीं होते हैं तो अंतरराष्ट्रीय खान मार्केट गैंग इन्हें मदद देता है. चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश चल रही है.
चुनाव के दौरान तेज हो जाती है कोशिश
विदेश मंत्री ने कहा कि इस भारत विरोधी पारिस्थितिकी तंत्र में मीडिया, विश्वविद्यालय, थिंक टैंक भी शामिल हैं और लगातार कोशिश के जरिए भारत के मतदाताओं और यहां के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश चल रही है. चुनाव के दौरान ये कोशिश तेज हो जाती है, लेकिन यह लगातार चलती रहती है. इसकी भी एक पूरी व्यवस्था है, जिसके तहत पहले विदेशी मीडिया कोई मुद्दा उठाता है, जिसके बाद घरेलू मीडिया और फिर थिंक टैंक, फिर विश्वविद्यालय स्तर पर चर्चा होती है.
'26/11 के मुंबई हमले का दिया उदाहरण
इस दौरान विदेश मंत्री ने '26/11 के मुंबई हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हमला हुआ था कोई कार्रवाई नहीं की गई और इसे अच्छा माना गया. न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन पोस्ट आदि ने इसे एक अच्छा फैसला बताकर इसकी तारीफ की गई और इसे समझदारी वाला फैसला बताया गया. जब ये लोग आपकी तारीफ करें तो आपको चिंतित होना चाहिए.