देहरादन: लॉस एंजेलिस को पूरी दुनिया हॉलीवुड के कारण जानती है. यह शहर 35 किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां करीब 3 लाख 21 हजार एकड़ का क्षेत्र है. इसकी कुल आबादी 38 लाख है. यह एक चमकता हुआ शहर है, जिसकी रोशनी से पूरी दुनिया आकर्षित होती है. यहां बड़े-बड़े फिल्मी सितारे और करोड़पति-अरबपति अपने आलीशान और महंगे घरों में रहते हैं. लॉस एंजेलिस में रहने वाले बड़े-बड़े सितारे अब बेघर हो गए.
हॉलीवुड की इसी हालात को देखकर विभिन्न देश चिंतित हैं, खासकर ऐसे देश जहां जंगल हैं. ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने इन परिस्थितियों से निपटने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत की है, ताकि समय रहते नुकसान से बचा जा सके.
दरअसल, उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने पूरी तरह से तैयारियां कर ली हैं. 30 जनवरी को राज्य के 7 संवेदनशील जिलों के 17 स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा. यह मॉक ड्रिल वनाग्नि से निपटने के तरीके सीखने के लिए की जा रही है, जिसमें अल्मोड़ा और नैनीताल के पिछले साल के अनुभवों से भी कुछ नया सीखा जाएगा.
NDMA के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) सैयद अता हसनैन ने कहा कि उत्तराखंड में हर साल वनाग्नि के कारण कीमती वन संपत्ति नष्ट हो जाती है और इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है. उन्होंने कहा कि पिछले साल अल्मोड़ा और नैनीताल में जिस तरह से वनाग्नि पर नियंत्रण पाया गया, वह उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन तंत्र की मजबूती को दिखाता है.
मॉक ड्रिल की तैयारी और निगरानी
वहीं, सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि वनाग्नि उत्तराखंड के लिए एक बड़ी चुनौती है और यह मॉक ड्रिल राज्य में इस आपदा से निपटने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी. NDMA के वरिष्ठ सलाहकार कमांडेंट आदित्य कुमार ने मॉक ड्रिल के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान फायर फाइटर्स के पास सभी आवश्यक उपकरण और सुरक्षा के साधन होंगे. इसके अलावा, ड्रोन, सेटेलाइट फोन, वायरलेस फोन और बाइनाकूलर्स जैसे उपकरणों की भी तैनाती की जाएगी. NDMA की टीम राज्य के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल की निगरानी करेगी.
सामुदायिक सहयोग पर दिया जोर
विनोद कुमार सुमन ने यह भी कहा कि आपदाओं का प्रभावी रूप से मुकाबला करने के लिए समुदायों की सहभागिता बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इस दिशा में काम कर रहा है और आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न विभाग, एनजीओ और स्थानीय समुदायों को एक साथ काम करना होगा.
मॉक ड्रिल में शामिल होंगे कई जिले
30 जनवरी को होने वाली मॉक ड्रिल कुमाऊं के अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और गढ़वाल के देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, और पौड़ी जिलों में होगी. इसके पहले 28 जनवरी को टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें NDMA के अधिकारी शामिल होंगे. यह मॉक ड्रिल उत्तराखंड में वनाग्नि को नियंत्रित करने और भविष्य में इससे बचाव के उपायों को प्रभावी बनाने में मदद करेगी.