दिल्ली (Delhi) के पूर्व मुख्यमंत्री (Former CM) और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि मैंने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि मैं भ्रष्टाचार (Corruption) करने नहीं आया था, मुझे सत्ता का लालच, CM की कुर्सी की भूख नहीं है, मैं पैसे कमाने नहीं आया, पैसे कमाने होते तो मैं इनकम टैक्स की नौकरी करता था, उसमें करोड़ो रुपए कमा लेता बल्कि हम तो देश के लिए आए थे.
उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी (PM Modi) ने हमारे ऊपर देश का सबसे कठोर कानून लगाया, PMLA कानून, इसमें बेल भी नहीं मिलती लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हम सभी को बेल दे दी... मैं इस दाग के साथ नहीं जी सकता... काम करना तो दूर की बात, मैं इस दाग के साथ जी भी नहीं सकता.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे परवाह है जब भाजपा मुझे चोर या भ्रष्ट कहती है. आज मेरा दिल टूट गया है और इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया. केजरीवाल ने आगे कहा कि उन्होंने सिर्फ सम्मान कमाया है और दिल्ली में उनके पास अपना घर भी नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं कुछ दिनों में सीएम का बंगला छोड़ दूंगा, मेरे पास घर भी नहीं है. मैंने दस साल में सिर्फ प्यार कमाया है, जिसका नतीजा यह है कि मुझे इतने लोगों के फोन आ रहे हैं कि मेरा घर ले लो.
श्राद्ध खत्म होने के बाद, नवरात्रि की शुरुआत में मैं घर छोड़कर आप में से किसी के घर आकर रहूंगा. भाजपा पर तीखा हमला करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हम ईमानदारी से सरकार चला रहे थे, हमने बिजली और पानी मुफ्त किया, लोगों के लिए इलाज मुफ्त किया, शिक्षा को बेहतरीन बनाया. लेकिन, मोदी जी को लगने लगा कि अगर उन्हें इनसे जीतना है तो उन्हें इनकी ईमानदारी पर हमला करना होगा और फिर उन्होंने केजरीवाल, सिसोदिया और आप को बेईमान साबित करने और हर नेता को जेल में डालने की साजिश रची.
केजरीवाल ने जनता दरबार में लोगों से पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि वे ईमानदार हैं या नहीं. केजरीवाल ने कहा कि मैं चाहता हूं कि लोग मुझे बताएं कि मैं ईमानदार हूं या बेईमान, अगर मैं बेईमान होता तो क्या मैं मुफ्त में बिजली दे पाता? क्या मैं स्कूल बना पाता? मैं जानना चाहता हूं कि लोग मुझे चोर समझते हैं या मुझे जेल में डालने वाले लोग चोर हैं.