आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष (Sandip Ghosh) प्रशिक्षु डॉक्टर के कथित बलात्कार और हत्या मामले की चल रही जांच के संबंध में आज सुबह कोलकाता स्थित CBI कार्यालय पहुंचे. बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल के रूप में संदीप घोष की नियुक्ति रद्द कर दी थी. घोष ने अस्पताल परिसर में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ रेप और हत्या (Kolkata doctor rape-murder case) के बाद सोशल मीडिया पर बदनामी का आरोप लगाते हुए आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के पद से इस्तीफा दे दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
इस मामले का सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने स्वत: संज्ञान लिया और चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देशों की सिफारिश करने के लिए एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया. मामले की CBI जांच चल रही है. इससे पहले CBI की एक टीम आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंची और संस्थान के पूर्व प्रिंसिपल की गहन जांच की.
शीर्ष अदालत ने कहा कि वह पूरे भारत में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है. अदालत ने कहा कि अगर महिलाएं काम पर नहीं जा सकतीं और सुरक्षित नहीं रह सकतीं, तो हम उन्हें समानता के मूल अधिकार से वंचित कर रहे हैं. हमें कुछ करना होगा. शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से बलात्कार मामले में जांच की स्थिति पर एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा.
इसके अलावा, अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से 15 अगस्त को आरजी कर अस्पताल में हुई भीड़ के हमले की घटना पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. प्रशिक्षु डॉक्टर 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल में मृत पाए गए थे.
इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस (Governor CV Anand Bose) ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की थी. राज्यपाल आनंद बोस ने कहा कि मैं दिल्ली से सीधे यहां मृतका के माता-पिता से मिलने और उनकी भावनाओं को समझने आया हूं. उन्होंने मुझे कुछ बातें बताई हैं. मैं उन्हें अभी गोपनीय रखूंगा. मेरे पास जो जानकारी है, उसके आधार पर मैं आज एक पत्र लिखूंगा और उसे सीलबंद लिफाफे में मुख्यमंत्री को भेजूंगा. बाकी बातें मैं आपसे बाद में चर्चा करूंगा.