100 सेकेंड की तस्वीर में, यूपी में कुछ ऐसा हो जाता है कि योगी 5 सेकेंड में फैसला सुना देंगे. गोरखपुर के पड़ोसी जिले देवरिया में 2 बेटियों के साथ 4 शोहदों ने जो हरकत की है, उसका अंजाम क्या होगा, उस पर आएं उससे पहले सुनिए कैसे यूपी में शोहदों ने तालिबानी तरीके से लड़कियों को अपहरण करने की कोशिश की. शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे, आठवीं क्लास में पढ़ने वाली दो लड़कियां, परीक्षा देकर स्कूल से अपने घर लौट रही थी.
उसी दौरान 600 मीटर का हिस्सा सुनसान होता है, दोनों तरफ धान की फसल है, और कुछ दूर पर लोगों के मकान बने हैं. इसी बीच एक ही बाइक पर 4 शोहदे उन दोनों लड़कियों का पीछा करते हैं, ये जानते हुए भी कि पकड़े जाने पर यूपी में अंजाम क्या होता है. अब हम आपको अपनी तरफ से कुछ नहीं बताएंगे, बल्कि आप इन तस्वीरों को ध्यान से देखिए, जिसके पीछे छिपी है पूरी सच्चाई.
धुंधली सी तस्वीर में दिखाई देता है, कि दो बच्चियां साइकिल से अपने घर की तरफ बढ़ रहीं थीं, उसी बीच चार बाइक सवार बदमाश पहले उनका पीछा करते हैं, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि लड़कियां सुनसान इलाके में पहुंच गई हैं तो शोहदे एकदम करीब पहुंच जाते हैं. शोहदे थे चार, बाइक थी एक, लड़कियां दो, दोनों के पास साइकिल. बाइक रुक जाती है. और लड़की की तरफ शोहदे बढ़ते हैं, एक लड़की घबराकर दाहिने तरफ धान की खेत में जाकर गिर जाती है, दूसरी लड़की चीखते हुए साइकिल छोड़कर उस मकान की तरफ भागती है, जहां गांव के लोग रहते हैं. वीडियो में लड़कियों के चीखने की आवाज है, जरा वो भी सुनिए.
लड़कियों को चिल्लाता देख, शोहदों का दम निकल गया, एक शोहदा जो बाइक चला रहा था, वो पहले ही बाइक लेकर रफ्फूचक्कर हो जाता है, बाकी के उसके तीन साथी बाइक के पीछे भागते हैं. ये रही घटना की पूरी कहानी. लेकिन अब आप सुनिए चौंका देने वाला सच. जब आप समझ पाएंगे योगी के राज में दिनदहाड़े शोहदों में इतनी हिम्मत आई कहां से. इस मसले को लेकर देवरिया में उबाल है, अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए, पुलिस 5 टीमें बनाकर तलाश में जुटी है. आरोपी लंगड़ाते हुए पकड़े जाएंगे ये दुनिया जानती है. लेकिन क्या योगी के राज में भी बेटी सुरक्षित नहीं हैं, ये प्रश्न पूरा पूर्वांचल पूछ रहा है.
वीडियो तरकुलवा इलाके के नारायणपुर इलाके का है, वहीं के एक स्कूल में ये दोनों लड़कियां पढ़तीं हैं. स्कूल प्रबंधक उमेश यादव योगी आदित्यनाथ से गुहार लगा रहे हैं कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा सुनाई जाए. दावा किया जा रहा है कि ये शोहदे पिछड़े समाज के हैं, इसीलिए यूपी के कई नेता इस वीडियो को ट्विटर पर नहीं डाल रहे हैं. दलितों की राजनीति करने वाले चंद्रशेखर को भी इस बात का ख्याल नहीं है कि बेटियां भी पिछड़ी जाति की हैं.
अखिलेश यादव को भी इस बात की चिंता नहीं है कि स्कूल प्रबंधक यादवजी भी टेंशन में हैं कि बेटियों के साथ ऐसा क्यों हो गया. यूपी के नेता डीएनए रिपोर्ट मांगा करते हैं, लेकिन इस घटना में डीएनए रिपोर्ट किसकी होनी चाहिए. उनकी जिन्होंने इन शोहदों की हिम्मत बढ़ाई है या उनकी डीएनए रिपोर्ट जो सोशल मीडिया पर इतनी बड़ी घटना पर भी चुप हैं. या उनकी जो मोईद और नवाब के समर्थक हैं.
इस घटना के बाद अब योगी के इंसाफ का इंतजार किया जा रहा है. लेकिन ये कोई सुनसान सड़क नहीं है, जहां लड़कियां असुरक्षित हैं, बल्कि यूपी में हजारों ऐसी सड़कें हैं और हजारों ऐसे शोहदें हैं जो कभी लड़कियों का दुपट्टा खींच लेते हैं, तो कभी पीछा करते हैं. एक फुरकान लखनऊ के लुलू मॉल के बाहर से पकड़ा जाता है तो देवरिया में दूसरा फुरकान पैदा हो जाता है.
देवरिया से पकड़ा जाएगा तो गोरखपुर में पैदा हो जाएगा, और एंटी रोमियो स्कॉवयड सिर्फ पार्क में मनचलों को पकड़ता रह जाएगा. जबकि यहां गांव की सुनसान सड़क पर सीधे योगी के सिस्टम को ललकारा गया है, हम इस क्राइम को अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और विकास दूबे के बराबर ही समझते हैं.