गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के छत्रधारी गांव में NEET छात्र की हत्या के बाद असली कारण निकलकर सामने आया है. घटना के वक्त मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले 10 से 12 लोगों ने बाजार में फर्नीचर की दुकान तोड़ने की कोशिश की. हालांकि, दुकान के दूसरी मंजिल पर ट्रैवल्स ऑफिस में दुर्गेश के बहन का लड़का आवाज उठ गया और मामा के लड़के दीपक को फ़ोन किया. ग्रामीणों की सुगबुगाहट के बाद आरोपियों ने प्लान बदल दिया और फिर पशुओं को खूंटे से छोड़ने लगे. दीपक ने मौके पर ग्रामीणों को बुला लिया. घटना के बाद सभी आरोपी भागने लगें. वहीं, सबसे आगे दीपक को साथ उठाकर ले गए और हत्या कर दी.
गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के जंगल छत्रधारी गांव के महुआ चाफी टोला में सोमवार की देर रात पशु तस्करों ने 16 वर्षीय युवक दीपक गुप्ता को निर्मम हत्या कर दी. युवक के साथ हत्यारोपियों ने क्रूरता की सारी हदों को पार कर दिया. घटना के बाद ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़कर पीटकर अधमरा कर दिया. इस कांड के बाद जमकर बवाल हुआ, एसपी सहित कई लोग घायल हुए हैं. रात्रि के बाद सुबह एक बार फिर बवाल हुआ. जमकर पुलिस पर पथराव हुए. घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात है. डीआईजी सहित आलाधिकारी गांव में काम्बिंग कर रहे हैं.
पशु तस्करी या दुकान में था लूट का प्लान
प्रत्यक्षदर्शियों की कहानी के अनुसार हत्या आरोपी डीसीएम लेकर पहुंचे हुए थे. पहले फर्नीचर दुकान का ताला तोड़ने का प्रयास किया. फर्नीचर की दुकान से क्या भारी सामान चुराने की प्लानिंग थी. प्लान सफल नहीं होने के बाद आरोपी गांव की ओर पहुंच गए और पशुओं को छोड़कर ले जाने की भी कोशिश की और बड़ा कांड हो गया. तस्कर मौके पर फायरिंग भी किए थे. फिलहाल हत्या आरोपियों की तलाश के लिए 5 टीमें लगाई गई है. किसी को छोड़ा नहीं जाएगा.
योगी ने कहा- किसी को बख्शा नहीं जाएगा
घटना को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के आलाधिकारियों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बक्सा नहीं जाए. परिजनों की मांग है कि सरकार एक करोड़ रुपये मुआवजा दें. परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और हत्यारोपियों को फांसी की सजा दी जाए. फिलहाल प्रशासन नियमानुसार जो भी मांगे पूरी की जाएगी. उनको पूरी करने की बात कह रहा है.