नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटों बाद सरकार की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधान की तारीफ करते हुए कहा कि उनका सफर छात्र कल्याण और सार्वजनिक जीवन के प्रति आजीवन समर्पण का बेहतरीन उदाहरण है.
X पर पोस्ट करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा, ''सच्ची नेतृत्व क्षमता दशकों में नापी जाती है और धर्मेंद्र प्रधान जी का सफर सार्वजनिक जीवन तथा छात्र कल्याण के प्रति आजीवन लगाव का सजीव प्रमाण है.'' रिजिजू ने प्रधान के साथ कैबिनेट में काम करने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, ''केंद्रीय कैबिनेट में उनके साथ काम करते हुए मैंने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने और करोड़ों युवा छात्रों को हर फैसले के केंद्र में रखने की उनकी निष्ठा देखी है. इस महत्वपूर्ण क्षेत्र का नेतृत्व करने के लिए अपार धैर्य चाहिए, जिसे उन्होंने साहस और स्पष्ट दृष्टि के साथ अपनाया.''
उन्होंने आगे कहा, ''धर्मेंद्र जी, शिक्षा सुधारों के प्रति आपकी अथक सेवा और मजबूत भारत बनाने में योगदान के लिए धन्यवाद. भविष्य में भी उसी लगन और ईमानदारी के साथ देश की सेवा जारी रखने के लिए आपको शुभकामनाएं!'' धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मद्देनजर इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा भेजा. उनका इस्तीफा जानतर मंतर पर CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन की प्रमुख मांग थी, जिसके बाद वहां जश्न का माहौल बन गया.
CJP ने इसे अपने 36 दिवसीय आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया है, हालांकि संगठन ने कहा है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शेष मांगें (आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई न हो) पूरी नहीं हो जातीं. यह घटना मोदी सरकार में बड़े स्तर पर सड़क आंदोलनों और राजनीतिक दबाव के बाद किसी वरिष्ठ मंत्री के इस्तीफे का दुर्लभ उदाहरण है.